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Amar sandesh दिल्ली।उत्तराखंड समेत देश के कई हिस्सों में सर्द मौसम के बीच जहां शीतलहर लोगों को ठिठुरा रही है, वहीं देवभूमि उत्तराखंड की राजनीति में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर गर्माहट लगातार बढ़ती जा रही है। इस मामले में सरकार द्वारा बचाए जा रहे दोषी वीआईपी को कठोर से कठोर सजा दिलाने की मांग को लेकर विपक्ष और सामाजिक संगठनों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच और इस कांड में शामिल सभी दोषियों को सख्त सजा दिलाने के उद्देश्य से राजधानी दिल्ली में भी आंदोलन तेज किया जा रहा है। इसी क्रम में भू-कानून संयुक्त संघर्ष समिति रविवार, 4 जनवरी 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक विशाल धरना आयोजित करेगी। यह धरना सीबीआई जांच की मांग को मजबूती से उठाने और सरकार द्वारा संरक्षण दिए जा रहे दोषी वीआईपी को कानून के कठघरे में लाने के लिए समिति के नेतृत्व में किया जाएगा।
समिति का कहना है कि जब तक इस जघन्य हत्याकांड की निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषियों—चाहे वे कितने ही रसूखदार क्यों न हों—को कठोरतम सजा नहीं मिलती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। धरने के उपरांत प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय गृहमंत्री को ज्ञापन सौंपकर न्याय की मांग की जाएगी।
भू-कानून संयुक्त संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई केवल अंकिता के लिए नहीं, बल्कि देश व देवभूमि की बेटियों की सुरक्षा, न्याय और जवाबदेही की लड़ाई है।
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