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13 करोड़ प्रविष्टियों को लेकर आठवले ने दिया विवरण, कहा- ड्राफ्ट सूची में मृत, अनुपस्थित, स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टियां चिन्हित
Amar sandesh नई दिल्ली। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी चर्चा के बीच केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री एवं रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास आठवले ने राहुल गांधी की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। महाराष्ट्र सदन में आयोजित पत्रकार वार्ता में आठवले ने कहा कि SIR को लेकर जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने के बजाय उपलब्ध तथ्यों और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर बात की जानी चाहिए।
आठवले ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य सूची को अधिक व्यवस्थित और विश्वसनीय बनाना है। उन्होंने बताया कि प्रक्रिया के दौरान विभिन्न कारणों से कई प्रविष्टियों को चिन्हित किया गया है। इनमें मृत मतदाता, अनुपस्थित मतदाता, स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके मतदाता तथा एक से अधिक स्थानों पर दर्ज प्रविष्टियां शामिल हैं।
13 करोड़ प्रविष्टियों का दिया विवरण
आठवले ने उपलब्ध आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 13 करोड़ प्रविष्टियों को अलग-अलग श्रेणियों में चिन्हित किया गया है। उनके अनुसार इनमें लगभग 2.8 करोड़ मृत मतदाता, 3 करोड़ अनुपस्थित या जिनका पता उपलब्ध नहीं है, 6.3 करोड़ स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित मतदाता तथा करीब 1 करोड़ दोहरी या एकाधिक प्रविष्टियां शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि इन प्रविष्टियों का चिन्हित होना अपने आप में अंतिम मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का प्रमाण नहीं है। पात्र मतदाताओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया जाता है।
राहुल गांधी को लेकर आठवले ने कही यह बात SIR को लेकर राहुल गांधी के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए आठवले ने कहा कि राहुल गांधी को जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से संबंधित किसी भी सवाल का समाधान निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत किया जा सकता है।
आठवले ने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन चुनाव और मतदाता सूची जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी से भी SIR से संबंधित जानकारी को सही संदर्भ में रखने की अपील की।
निर्वाचन आयोग की भूमिका का उल्लेख
केंद्रीय राज्यमंत्री श्री आठवले ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित होती है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को SIR से संबंधित जानकारी के लिए आधिकारिक माध्यमों का सहारा लेना चाहिए।
उन्होंने सार्वजनिक जीवन में संवैधानिक संस्थाओं और महत्वपूर्ण पदों की गरिमा बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। आठवले ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को लोकतांत्रिक और मर्यादित तरीके से सामने रखा जाना चाहिए।
आठवले ने नागरिकों से अपील की कि वे मतदाता सूची में अपना नाम और संबंधित विवरण समय रहते जांच लें। यदि किसी पात्र मतदाता के नाम या विवरण में कोई समस्या है तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति दर्ज कराई जाए।
उन्होंने कहा कि सही और अद्यतन मतदाता सूची लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार है।
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