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सतपाल सिंह रावत के नेतृत्व में ग्रामीणों ने संभाली कमान, पुरानी जल व्यवस्था को नया जीवन
अमर चंद्र
पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड।देवभूमि उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के रिखणीखाल ब्लॉक स्थित ग्राम कुमाल्डी आज आत्मनिर्भरता और सामुदायिक एकता की मिसाल बनकर उभर रहा है। यहां के पूर्व कमांडो एवं समाजसेवी सतपाल सिंह रावत के नेतृत्व में ग्रामीणों ने वर्षों पुरानी जल आपूर्ति व्यवस्था को पुनर्जीवित करने का बीड़ा उठाया है।

गांव में लंबे समय से पानी की समस्या बनी हुई थी। पुरानी पाइपलाइन जर्जर हो चुकी थी, जिससे नियमित जल आपूर्ति बाधित हो रही थी। ऐसे में सतपाल सिंह रावत ने पहल करते हुए न केवल इस समस्या को गंभीरता से लिया, बल्कि ग्रामीणों को संगठित कर समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए।
उनके नेतृत्व में गांव के युवाओं और अन्य निवासियों ने मिलकर पुरानी पाइपलाइन को पूरी तरह से हटाकर नई पाइपलाइन बिछाने का कार्य शुरू किया। बिजराणी जल स्रोत से पानी की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए पाइपलाइन की मरम्मत, सफाई और पुनर्निर्माण का कार्य सामूहिक श्रमदान के जरिए किया जा रहा है।
इस अभियान में सतपाल सिंह रावत के साथ प्रमुख रूप से नंदन सिंह नेगी, शत्रुघ्न प्रसाद, भारत सिंह नेगी, महेंद्र सिंह नेगी, सत्यपाल सिंह, रामपाल सिंह सहित गांव के अनेक लोगों का सक्रिय सहयोग मिल रहा है। सभी के सामूहिक प्रयास से यह सराहनीय पहल साकार रूप ले रही है।
इस अभियान की खास बात यह है कि इसमें गांव के हर वर्ग के लोग युवा, बुजुर्ग और महिलाएं सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। जहां एक ओर सरकार “हर घर जल” का संकल्प लेकर योजनाएं चला रही है, वहीं कुमाल्डी के ग्रामीणों ने यह दिखा दिया है कि यदि इच्छाशक्ति और एकता हो, तो स्थानीय स्तर पर भी बड़ी समस्याओं का समाधान संभव है।
सतपाल सिंह रावत का यह प्रयास न केवल जल संकट के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह ग्रामीण विकास की नई सोच और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा भी देता है। गांव में इस पहल से विकास की एक नई लहर देखी जा रही है, जो अन्य गांवों के लिए भी उदाहरण बन सकती है।
अमर संदेश समाचार पत्र परिवार इस सराहनीय पहल के लिए सतपाल सिंह रावत एवं सभी सहयोगी ग्रामीणों की भूरि-भूरि प्रशंसा करता है, जिन्होंने अपने प्रयासों से यह सिद्ध कर दिया कि जनभागीदारी से ही वास्तविक विकास संभव है।
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