राष्ट्र निर्माण में भारतीय स्टेट बैंक बना एनएचएआई का सहयोगी

देश के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने  दिल्ली में आयोजित एक समारोह में भारतीय स्टेट बैंक द्वारा स्वीकृत 25000 करोड़ रूपये की सावधि ऋण सुविधा के लिए प्रलेखन पूरा किया। मौजूदा संबंधों को मजबूत करने एवं पारस्परिक हित के आधार और पर वित्तीय सेवाओं में सहयोग विकसित करने हेतु एनएचएआई और एसबीआई के बीच मेमोरेंडम ऑफ अंडर्स्टेंडिंग भी साइन किया गया। इस अवसर पर माननीय केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी, राज्य मंत्री मनसूख़ मंडाविया, भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष  रजनीश कुमार, प्रबंध निदेशक (वैश्विक बैंकिंग)  दिनेश खारा, एनएचएआई के अध्यक्ष  वाई एस मलिक, उप प्रबंध निदेशक – एसबीआई  सुजीत कुमार वर्मा, मुख्य महा प्रबन्धक वी राधाकृष्णन एवं दोनों संगठनों के अन्य वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

दिनेश खारा ने इस महत्वपूर्ण अवसर पर सभा का स्वागत किया। एसबीआई के अध्यक्ष  रजनीश कुमार ने भारत के बुनियादी ढांचे के विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर बताते हुए इस कार्यक्रम की सराहना की एवं देश के विकास में सहयोगी बनने की बैंक की प्रतिबद्धता दोहराई। एनएचएआई के अध्यक्ष श्री मलिक ने कहा कि एसबीआई से यह टर्म लोन महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं के सफलतापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने की राह में एक महत्त्वपूर्ण कदम होगा। नितिन गडकरी और  मनसुख मंडाविया ने इस महान उपलब्धि के लिए दोनों संगठनों को बधाई दी। श्री गडकरी ने कहा कि उनके मंत्रालय ने प्रमुख नीतिगत परिवर्तन किए हैं जिसके परिणामस्वरूप इस क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। इसके साथ ही उन्होनें अन्य क्षेत्रों में विभिन्न संस्थानों के बीच इसी तरह की भागीदारी की मांग की। समारोह के अंत में सदस्य (वित्त), एनएचएआई,  आशीष शर्मा ने कहा कि वह आने वाले वर्षों में एसबीआई के साथ इस संबंध को मजबूत करने की उम्मीद करते हैं और आशा करते हैं कि दोनों संगठन भविष्य में भी सड़कों और राजमार्गों के विकास के लिए परस्पर सहयोगी बनेंगे।

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