माताश्री मंगला जी : अध्यात्म ज्ञान का प्रचार तथा मानव सेवा ही लक्ष्य

आज समाज में अधिकांश लोग केवल अपना और अपने परिवार का ही भला चाहते हैं, दूसरों की कठिनाई तथा दुख-दर्द से उन्हें कोई सरोकार नहीं होता। इसी के साथ दूसरी तरफ कुछ ऐसे परमार्थी लोग भी होते हैं, जो स्वयं की चिन्ता किये बिना अपना सारा जीवन दूसरों की भलाई एवं जन कल्याण में लगा देते हैं। देवभूमि उत्तराखण्ड सदियों से ऐसे ही संत-महापुरुषों की जन्मभूमि रही है जिन्होंने अध्यात्म ज्ञान का प्रचार करने के साथ-साथ अपना सारा जीवन मानव सेवा और परोपकार के लिए समर्पित कर दिया।
इन्हीं महान संतों की श्रृंखला में महत्वपूर्ण नाम हैं करुणामयी माताश्री मंगला जी का, जो अपनी दया व ममता की छांव से असंख्य लोगों को शारीरिक कष्टों से छुटकारा दिलाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही हैं। वे समाज में गरीब, जरूरतमंद तथा बेसहारा लोगों के लिए एक वरदान बनकर सामने आई हैं। समाज में भौतिक शिक्षा के साथ-साथ वे नैतिक तथा आध्यात्मिक शिक्षा को जीवन के लिए बहुत उपयोगी मानती हैं क्योंकि इन्हीं मूल्यों से भावी पीढ़ी देश का आदर्श नागरिक बनकर समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान कर सकती है। अध्यात्म ज्ञान तथा समाज सेवा की प्रेरणा उन्हें माता श्री राजेश्वरी देवी एवं योगिराज श्री हंसजी महाराज सें मिली। उन्हीं के आशीर्वाद से माताश्री मंगलाजी ने सामाजिक उत्थान तथा जनकल्याण के लिए अनेक परियोजनाओं का शुभारम्भ किया है जिनमें श्री हंस करुणा स्वास्थ्य परियोजना, राजेश्वरी करुणा शिक्षा परियोजना, गरीब, वृद्ध, विकलांग एवं विध्वा मासिक पेंशन योजना, राजेश्वरी करुणा स्व-रोजगार योजना तथा निःशुल्क चिकित्सा शिविर योजना आदि प्रमुख हैं।
माताश्री मंगलाजी ने ‘‘सेवा अस्माकम् र्ध्मः’’ को मूलमंत्रा मानते हुए जरूरतमंद लोगों की सेवा को अपने जीवन का लक्ष्य बनाया है। माताश्री मंगला जी का जन्म 16 अक्टूबर को उत्तराखण्ड के टिहरी गढ़वाल के पांगर गांव, सारजूला पट्टी में एक र्ध्म परायण परिवार में शौर्यचक्र विजेता स्व. मातवरसिंह सजवाण के घर हुआ। इनके पिता इंडियन एयरलाइन्स में बड़े अध्किरी थे। अपने पति श्री भोले जी महाराज के साथ माताश्री मंगलाजी ‘द हंस पफाउण्डेशन’, ‘श्री हंसलोक जनकल्याण समिति’ तथा ‘हंस कल्चरल सेंटर’ जैसी कई र्ध्मार्थ, सामाजिक तथा आध्यात्मिक संस्थाओं की प्रेरणास्रोत हैं। उनके कुशल मार्गदर्शन में ये संस्थाएं देश के विभिन्न राज्यों में गरीब तथा असहाय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधएं उपलब्ध् कराने के साथ-साथ उनके आध्यात्मिक एवं भौतिक विकास के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
ं माताश्री मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज के मार्गदर्शन में श्री हंस करुणा स्वास्थ्य परियोजना के तहत सतपुली, जिला-पौड़ी गढ़वाल में गरीब लोगों के इलाज के लिए आध्ुनिक सुविधओं से युक्त द हंस पफाउण्डेशन जनरल हॉस्पिटल का संचालन किया जा रहा है। हरिद्वार जिला के बहादराबाद में आंखों के अस्पताल द हंस पफाउण्डेशन-आई केयर से हजारों जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिल रहा है। द हंस पफाउण्डेशन द्वारा समय-समय पर उत्तराखण्ड एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों में निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन किया जाता है जिसमें हजारों लोग स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करते हैं। माता राजेश्वरी शिक्षा परियोजना के तहत गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध् कराने के लिए उत्तराखण्ड, दिल्ली एवं कई अन्य राज्यों में राजेश्वरी करफणा स्कूल संचालित किये जा रहे हैं।
माताश्री मंगलाजी एवं श्री भोलेजी महाराज के मार्गदर्शन में आसाम के पिछड़े एवं जनजातीय क्षेत्रों में सामूहिक विवाह का आयोजन कराया गया तथा हजारों वर-वध्ू को आर्थिक सहयोग एवं आशीर्वाद दिया। उनके मार्गदर्शन में द हंस पफाउण्डेशन तथा हंस कल्चरल सेंटर द्वारा कई सामाजिक संस्थाओं एवं अस्पतालों को एम्बुलेंस तथा बच्चों को स्कूल से लाने-ले जाने के लिए कई स्कूलों को बसें प्रदान की गईं। द हंस पफाउण्डेशन द्वारा बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्तरी, यमुनोत्तरी और र्ध्मावाला देहरादून में स्वामी विवेकानंद हैल्थ मिशन द्वारा संचालित र्ध्मार्थ अस्पतालों को आर्थिक सहयोग दिया जा रहा है। आध्यात्मिक गुरफ श्री श्री रविशंकर की संस्था आर्ट ऑपफ लिविंग द्वारा समाज सेवा के लिए बंगलौर में माताश्री मंगला जी को ‘‘विशालक्षी’’ सम्मान प्रदान किया गया।
माताश्री मंगलाजी एवं श्री भोले जी महाराज की प्रेरणा से द हंस पफाउण्डेशन एवं हंस कल्चरल सेंटर द्वारा हजारों गरीब, वृद्ध, विकलांग तथा विध्वाओं को हर महीने मासिक पेंशन प्रदान की जाती है। इसके अलावा गरीब, बेसहारा एवं जरूरतमंदों को शिक्षा तथा इलाज के लिए लगातार आर्थिक सहायता दी जा रही है। कोरोना महामारी संकट के दौरान माताश्री मंगला जी एवं श्री भोले जी महाराज ने मुख्यमंत्रा श्री त्रिवेन्द्रसिंह रावत के साथ उत्तराखण्ड के लिए देहरादून में 100 करोड़ रफपये की विभिन्न योजनाओं का लोकार्पण किया। कोविड-19 से उपजे संकट में लोगों की मदद हेतु उन्होंने पीएम केयर पफंड में 4 करोड़ तथा देहरादून में मुख्यमंत्री राहत कोष में 1 करोड़ 51 लाख रफपये के चेक प्रदान किये। इसके साथ ही देश भर में कई लाख जरूरतमंद परिवारों को निःशुल्क राशन किट, मास्क, ग्लोव्ज, पीपीई किट तथा सैनिटाइजर का वितरण किया गया।
श्री हंसलोक जनकल्याण समिति द्वारा समय-समय पर विशाल सत्संग समारोहों का आयोजन किया जाता है जिसमें श्री भोले जी महाराज एवं माताश्री मंगला जी शास्त्रा सम्मत प्रवचन सुनाकर लोगों को आध्यात्मिक ज्ञान को जानने की प्रेरणा देते हैं। माताश्री मंगलाजी के पावन जन्मदिन, 16 अक्टूबर पर हम सब उनके यशस्वी तथा दीर्घायु होने की ईश्वर से कामना करते हैं।

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