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गढ़वाल हितैषिणी सभा ने सम्मानित किये अपने समाज के 144 विद्यार्थी

बच्चों को गढवाल में अपने पैतृक गांवों से जोड़ कर अवश्य रखें-मंगेश घिल्डियाल

दिल्ली। दिल्ली स्थित उत्तराखंड प्रवासियों की सबसे वरिष्ठ व लब्ध-प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था गढ़वाल हितैषिणी सभा (रजि.) दिल्ली ने पंचकुइया रोड़ स्थित गढ़वाल भवन के सभागार में दिल्ली एन.सी.आर.आर. में रहने वाले गढवाली मूल के दसवीं व बारहवीं के 144 मेधावी विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र 2019-2020 में नब्बे प्रतिशत व अधिक अंक प्राप्त करने पर सभा के प्रतिष्ठित अकादमिक पुरस्कार वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मेधावी छात्र सम्मान से सम्मानित किया।

कोविड-19काल को देखते हुए सम्मान समारोह दो सत्रों में संपन्न हुआ।
द्वितीय सत्र में उत्तराखंड कैडर से आईं.ए.एस अधिकारी व बागेश्वर, रूद्रप्रयाग तथा टिहरी के पूर्व जिलाधिकारी तथा वर्तमान समय में प्रधानमंत्री कार्यालय, भारत सरकार में कार्यरत उपसचिव मंगेश घिल्डियाल ने बारहवीं के
पिच्चासी मेधावी विद्यार्थियों को विशिष्ठ अतिथि वरिष्ठ पत्रकार सुषमा जुगराण ध्यानी, दिल्ली विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.सुरेश बंदूनी व देहरादून से आये शिक्षाविद् वीरेंद्र नौटियाल की उपस्थिति में सम्मानित किया।

बारहवीं के सम्मानित होने वाले 85 छात्रों में अदिति बडोला व आकाश डिमरी 98.8 प्रतिशत अधिकतम अंक प्राप्त करने वाले छात्र रहे। दोनों के बराबर अंक थे। साथ ही इस अवसर पर आई.ए.एस.अधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने गढ़वाली भाषा-साहित्य के प्रचार-प्रसार में सराहनीय भूमिका निभाने के लिए गढवाली भाषा के मूर्धन्य साहित्यकार कृष्ण कुमार ममगांई को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
अपने संबोधन में मंगेश घिल्डियाल ने इस कठिन समय में भी समाज के मेधावी छात्रों को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मेधावी छात्र सम्मान से सम्मानित करने के की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए छात्रो से कहा की आपको अपने लक्ष्य प्राप्ति के लिए सतत् प्रयत्नशील रहते हुए उसे हर हाल में प्राप्त करके ही रहना है। क्योंकि आपको दिल्ली जैसे महानगर में पहाड़ के सिदूर गांवों के बनस्पित सभी मूलभूत सुविधाएं प्राप्त हैं। इसलिए आपका लक्ष्य भी बड़ा होना चाहिए। समारोह को गढ़वाली भाषा में संबोधित करते हुए आई.ए.एस.अधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बच्चों के अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि अपने बच्चों को गढवाल में अपने पैतृक गांवों से जोड़ कर अवश्य रखें, साल में एक बार अपने गांव अवश्य जायें, सामूहिक पूजन के समय सारा गांव एक जगह एकत्रित होता है उस समय अपने बच्चों को गांव अवश्य ले जायें। प्रवासियों से मंगेश घिल्डियाल ने भावुक अपील करते हुए कहा कि आप सभी अपने गांव व क्षेत्र के विकास के लिए कुछ ना कुछ अवश्य करें। समारोह में उपस्थित अन्य विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार सुषमा जुगराण ध्यानी , डॉ.सुरेश बंदूनी व वीरेंद्र नौटियाल ने मेधावी छात्रों को बधाई देते हुए अपनी शुभकामनाएं दी।

कोविड काल को देखते हुए समारोह दो सत्रों में संपन्न हुआ।

वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मेधावी सम्मान समारोह के दोनों सत्रों का कुशल मंच संचालन गढ़वाल हितैषिणी सभा के महासचिव पवन कुमार मैठाणी ने बखूबी किया।

दोपहर सत्र से पूर्व सुबह साढ़े दस बजे के प्रथम सत्र में समारोह के मुख्य अतिथि श्री शिक्षाविद् मनवर सिंह रावत- उपाध्यक्ष-गढवाली, कुमाऊनी जौनसारी अकादमी दिल्ली सरकार, समारोह के विशिष्ठ अतिथि दिल्ली विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर व शिक्षाविद् डॉ.हरेद्र सिंह असवाल, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.वी.एस.नेगी, तपेश्वर जुगराण-उप-निदेशक-शिक्षा निदेशालय- दिल्ली सरकार, दिल्ली सरकार के सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल व शिक्षाविद डॉ.राकेश सेमल्टी व उप-प्रधानाचार्य तथा विद्यालय प्रमुख डॉ.भगवती प्रसाद ध्यानी के कर कमलों से दसवीं के 58 मेधावी विद्यार्थियों को वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मेधावी छात्र सम्मान से सम्मानित किया गया। छात्रों को पुरस्कृत करते हुए समारोह के मुख्य अतिथि मनवर सिंह रावत ने पुरस्कार पाने वाले बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि बच्चों अपना लक्ष्य हमेशा ऊंचा रखना, फिर उसको प्राप्त करने के लिए जी-जान से जुट जाओ, समारोह के विशिष्ट अतिथि दिल्ली विश्वविद्यालय के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ हरेंद्र सिंह असवाल व डॉ.वी.एस.नेगी, डॉ. राकेश सेमल्टी, डॉ.भगवती प्रसाद ध्यानी व तपेश्वर जुगराण ने अपने संबोधन में पुरस्कृत होने वाले विद्यार्थियों की बधाई देते जीवन में अपना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। दसवीं के छात्रों के मध्य में सबसे अधिक 99/% अंक प्राप्त करने वाली छात्रा सृष्टि बलूनी रही। इस अवसर पर सृजनशीलता व रचनाधर्मिता के आयुष मंत्रालय के अनुभाग अधिकारी भवानी शंकर कोठारी को भी सम्मानित किया गया।

सम्मान स्वरुप प्रत्येक मेधावी विद्यार्थी को मैंमेंटो, प्रशस्ति-पत्र व मूर्धन्य साहित्यकार भगवती प्रसाद नौटियाल तथा डॉ अचलानंद जखमोला द्वारा संपादित व अखिल गढवाल सभा देहरादून द्वारा प्रकाशित वृहत् त्रि-भाषीय शब्दकोश (गढ़वाली-हिंदी-अंग्रेजी) दिया गया। त्रिभाषीय शब्दकोश में तैत्तीस हजार गढवाली शब्द हैं। गढवाली भाषा- साहित्य के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य व अपनी युवा पीढ़ी को गढवाली शब्दों से अवगत कराने के उद्देश्य से सभा ने शब्दकोश की 170 प्रतियां अखिल गढवाल सभा, देहरादून को उनका मूल्य चुका यहां छात्रों को नि: शुल्क वितरित की। जिसकी समारोह में उपस्थित सभी अभिभावकों व अतिथियों ने सराहना की।
दोनों सत्रों में समारोह की शुरुआत मुख्य-अतिथियों द्वारा दीप-प्रज्वलित के साथ “देणां हवे जावा खोली की गणेश–गढवाली वंदना से शुरू हुई। अकादमिक कार्यक्रम होने से दीप-प्रज्वलन के बाद राष्ट्र-गान के साथ समारोह की शुरूवात हुई। सभा के कार्यकारी अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी ने दोनों सत्रों में अपने स्वागत भाषण से अतिथियों व सम्मानित होने वाले मेधावी विद्यार्थियों व उनके अभिभावकों का स्वागत किया। सभा के सह-सचिव अजय बिष्ट ने वीर चंद्र सिंह गढ़वाली के जीवन वृत्त पर अपने विचार रखने के साथ ही समारोह में उपस्थित सभी का धन्यवाद किया। समारोह में गढवाल हितैषिणी सभा के कार्यकारी अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी, महासचिव पवन कुमार मैठाणी, सह-सचिव अजय बिष्ट, कोषाध्यक्ष राजेश सिंह राणा, कार्यकारिणी सदस्य मुरारीलाल खंडूड़ी, जगत सिंह असवाल, धन सिंह नेगी, बिशन सिंह राणा, गुलाब सिंह जायडा़, जोत सिंह भंडारी, आजाद सिंह नेगी, देवेन्द्र गुसांईं, संयोगिता ध्यानी, वीरेंद्र सिंह नेगी-विन्नी, देवेन्द्र सिंह रावत, गंभीर सिंह कैंतुरा, राजेन्द्र प्रसाद चमोली, वीरेंद्र सिंह नेगी, सतीश गौनियाल, अर्जुन सिंह व पूरन सिंह नेगी व सभा सलाहकार महावीर सिंह राणा, शिवचरण मुंडेपी, आषाढ़ सिंह अधिकारी, रामचंद्र सिंह भंडारी, डॉ.सुरेशानंद बसलियाल सहित समाज के अनेक गणमान्य महानुभाव उपस्थित रहे। कोरोनाकाल को देखते हुए समारोह में सोशल डिस्टेशिंग व सेनेटाइजेशन के सभी मानकों को अपनाते हुए संपन्न हुआ। समारोह में उपस्थित सभी अतिथियों, सम्मानित होने वाले सभी मेधावी छात्रों व उनके अभिभावकों ने गढ़वाल हितैषिणी सभा की इस परंपरा की खुलकर प्रशंसा की।

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