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Amar sandesh दिल्ली/गोवा।गोवा की धरती पर आयोजित भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 के अवसर पर देश की अग्रणी महारत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गेल (इंडिया) लिमिटेड और जापान की प्रतिष्ठित शिपिंग कंपनी मित्सुई ओ.एस.के. लाइंस लिमिटेड (एमओएल), टोक्यो के बीच तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) पोत “गेल भुवन” के लिए एक महत्वपूर्ण दीर्घकालिक चार्टर समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता भारत की ऊर्जा सुरक्षा और समुद्री लॉजिस्टिक्स क्षमताओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम उपलब्धि है।
समझौता हस्ताक्षर समारोह 27 जनवरी 2026 को भारत ऊर्जा सप्ताह 2026 के दौरान संपन्न हुआ। इस अवसर पर गेल (इंडिया) लिमिटेड की ओर से श्री एस. बैरागी, कार्यकारी निदेशक (अंतरराष्ट्रीय शिपिंग एवं एलएनजी) तथा मित्सुई ओ.एस.के. लाइंस की ओर से हिसाशी उमेमुरा, निदेशक जनरल, ऊर्जा व्यवसाय मुख्यालय ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। समारोह में गेल (इंडिया) लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संदीप कुमार गुप्ता, कंपनी के कार्यात्मक निदेशकगण तथा एमओएल के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
गेल (इंडिया) लिमिटेड और मित्सुई ओ.एस.के. लाइंस के बीच लंबे समय से सशक्त व्यावसायिक साझेदारी रही है। यह नया करार एलएनजी शिपिंग और ऊर्जा लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में दोनों संगठनों के सहयोग को और मजबूती प्रदान करता है। यह अनुबंध एलएनजी जापोनिका शिपिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से संपन्न हुआ है, जो गेल (इंडिया) लिमिटेड (26 प्रतिशत हिस्सेदारी) और मित्सुई ओ.एस.के. लाइंस (74 प्रतिशत हिस्सेदारी) का संयुक्त उपक्रम है। एमओएल की विश्वसनीय परिवहन सेवाओं, उच्च सुरक्षा मानकों और गुणवत्ता आधारित परिचालन अनुभव पर भरोसा जताते हुए यह दीर्घकालिक समझौता किया गया है।
यह समझौता भारत सरकार के ‘समुद्री अमृत काल विज़न 2047’ के अनुरूप एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो भारत की समुद्री क्षमता, ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला और लॉजिस्टिक्स अवसंरचना को सुदृढ़ करता है। गेल और एमओएल दोनों कंपनियों ने नेट ज़ीरो उत्सर्जन के महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं और यह सहयोग कम-कार्बन एवं डी-कार्बनाइज्ड समाज की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।
गेल (इंडिया) लिमिटेड भारत की अग्रणी प्राकृतिक गैस कंपनी है, जिसकी गतिविधियाँ गैस व्यापार, गैस ट्रांसमिशन, एलपीजी उत्पादन एवं परिवहन, एलएनजी शिपिंग, एलएनजी री-गैसीफिकेशन, पेट्रोकेमिकल्स, सिटी गैस वितरण, अन्वेषण एवं उत्पादन सहित संपूर्ण प्राकृतिक गैस वैल्यू चेन में फैली हुई हैं। कंपनी देशभर में 18,001 किलोमीटर से अधिक लंबा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन नेटवर्क संचालित करती है।
एलएनजी क्षेत्र में, गेल के पास एक बड़ा और विविध वैश्विक एलएनजी पोर्टफोलियो है, जो दीर्घकालिक आपूर्ति सुरक्षा सुनिश्चित करता है। अपनी लॉजिस्टिक्स एकीकरण रणनीति के तहत, गेल ने देश का सबसे बड़ा एलएनजी बेड़ा विकसित किया है, जिससे भारत की समुद्री क्षमताओं को मजबूती मिली है और घरेलू गैस मांग की निर्बाध पूर्ति सुनिश्चित हो रही है।
मित्सुई ओ.एस.के. लाइंस ने अपने समूह प्रबंधन दृष्टिकोण “ब्लू एक्शन 2035” के अंतर्गत एशिया क्षेत्र को प्रमुख विकास स्तंभ के रूप में चिन्हित किया है। भारत में तीव्र आर्थिक विकास को देखते हुए, एमओएल लंबे समय से यहां अपने ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स व्यवसाय का विस्तार कर रहा है। गेल के साथ साझेदारी को और सशक्त बनाते हुए, एमओएल भारत की बढ़ती प्राकृतिक गैस मांग को पूरा करने और स्थिर ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने में निरंतर योगदान देता रहेगा।
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