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Amar sandesh नई दिल्ली, 24 जुलाई। दमन, दादरा एवं नगर हवेली तथा दक्षिण गुजरात में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भीषण बाढ़ के बीच भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) ने अदम्य साहस, त्वरित कार्रवाई और मानवीय सेवा का परिचय देते हुए अब तक 170 लोगों की जान बचाई है। 22 जुलाई की मध्यरात्रि से शुरू हुए 11 बड़े राहत एवं बचाव अभियानों के दौरान तटरक्षक बल की आपदा राहत टीमें और हेलीकॉप्टर लगातार राहत कार्यों में जुटे रहे। यह अभियान स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर चलाया गया।
बाढ़ के कारण सड़क संपर्क पूरी तरह टूट जाने और कई इलाकों के जलमग्न हो जाने के बावजूद भारतीय तटरक्षक बल के जवान दिन-रात राहत कार्यों में डटे रहे। राहत अभियान की शुरुआत सिलवासा के खानवेल क्षेत्र से पांच लोगों के सुरक्षित बचाव के साथ हुई। इसके बाद कडैया तटीय क्षेत्र में बाढ़ के पानी से घिरे तीन मछुआरों को सुरक्षित निकाला गया। वेलस्पन औद्योगिक क्षेत्र में फंसे 60 लोगों को भी सफलतापूर्वक सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
राहत कार्यों के दौरान एयरो फाइबर प्राइवेट लिमिटेड के निकट बाढ़ में फंसी बस से सात लोगों, डोंगरी क्षेत्र से दस लोगों तथा वलसाड-पारडी क्षेत्र से हेलीकॉप्टर के माध्यम से चार लोगों को सुरक्षित निकाला गया। रिलायंस इंडस्ट्रीज क्षेत्र में फंसे आठ लोगों को भी बचाया गया। इसके अलावा अवध सोसायटी से दस लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जिनमें नौ माह की गर्भवती महिला और श्वास संबंधी गंभीर परेशानी से जूझ रही एक महिला भी शामिल थीं।
24 जुलाई को भारतीय तटरक्षक बल के दो हेलीकॉप्टरों ने नवसारी जिले के मेंदर गांव से 33 लोगों को एयरलिफ्ट किया। इनमें सीने में तेज दर्द से पीड़ित एक व्यक्ति भी शामिल था, जिसे समय रहते चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई।
भारतीय तटरक्षक बल ने एक बार फिर सिद्ध किया है कि प्राकृतिक आपदा की घड़ी में वह केवल समुद्री सुरक्षा का प्रहरी ही नहीं, बल्कि मानव जीवन की रक्षा के लिए सदैव तत्पर एक विश्वसनीय बल भी है। कठिन मौसम, तेज बहाव और लगातार बारिश के बावजूद राहत अभियान बिना रुके जारी है तथा तटरक्षक बल ने आवश्यकता पड़ने पर आगे भी हर संभव सहायता देने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
यह जानकारी भारतीय तटरक्षक बल के जनसंपर्क अधिकारी कमांडेंट अमित उनियाल द्वारा उपलब्ध कराई गई है।
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