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Amar sandesh दिल्ली/चंडीगढ़।गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस बल (आईटीबीपी) के ट्रांसपोर्ट बटालियन, बेहलाना कैंप, चंडीगढ़ द्वारा शनिवार को मिशन भर्ती (रोज़गार मेला) के 18वें संस्करण का सफल आयोजन किया गया। यह पहल पारदर्शी, समयबद्ध एवं समावेशी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को सशक्त बनाने और सार्वजनिक संस्थानों को सुदृढ़ करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री श्री हरदीप सिंह पुरी ने आईटीबीपी के वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
कार्यक्रम के दौरान कुल 107 अभ्यर्थियों को विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इनमें आईटीबीपी में 10, सीआरपीएफ में 36, सीआईएसएफ में 30, असम राइफल्स में 8, बैंक ऑफ बड़ौदा में 2, यूनियन बैंक में 3 तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में 18 नियुक्तियाँ शामिल रहीं। यह आँकड़े रोज़गार मेले के माध्यम से सृजित हो रहे विविध सार्वजनिक सेवा अवसरों को रेखांकित करते हैं।
अपने संबोधन में श्री हरदीप सिंह पुरी ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों एवं उनके परिवारजनों को बधाई देते हुए इसे वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सेवा केवल पद नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये नव-नियुक्त कर्मी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि रोज़गार मेले की शुरुआत से अब तक देशभर में 11 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए जा चुके हैं, जो सरकार की मिशन मोड में भर्ती प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चंडीगढ़ में की गई ये नियुक्तियाँ केवल औपचारिक नहीं, बल्कि प्रशासनिक एवं सेवा वितरण तंत्र को सशक्त करने की निरंतर प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
भारत की आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डालते हुए श्री पुरी ने कहा कि देश ने अभाव के दौर से निकलकर क्षमता निर्माण की दिशा में उल्लेखनीय यात्रा तय की है। विनिर्माण, निर्यात, लॉजिस्टिक्स, नवीकरणीय ऊर्जा और डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में भारत की प्रगति वैश्विक स्तर पर उसकी सशक्त स्थिति को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “हम केवल विकास नहीं, बल्कि सामाजिक समावेशन के साथ विकास की ओर अग्रसर हैं।”
उन्होंने सेवा (सेवा भाव) को सार्वजनिक प्रशासन की आत्मा बताते हुए नव-नियुक्त कर्मियों से दक्षता, ईमानदारी और शालीनता को अपने कार्य का आधार बनाने का आह्वान किया। वर्दीधारी बलों, बैंकिंग संस्थानों और तकनीक आधारित विभागों में नियुक्त अभ्यर्थियों को विशेष रूप से प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास और नागरिक-केंद्रित डिजिटल शासन में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने देशभर में 44 स्थानों पर आयोजित रोज़गार मेले को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने बताया कि इस संस्करण में वितरित कुल नियुक्ति पत्रों में से लगभग 49,200 नियुक्तियाँ गृह मंत्रालय एवं उससे संबद्ध बलों से संबंधित हैं, जो आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने पर सरकार के विशेष फोकस को दर्शाता है।
कार्यक्रम के समापन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के नवनियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि ये नियुक्ति पत्र केवल सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का संकल्प पत्र हैं।
प्रधानमंत्री ने 24 जनवरी के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इसी दिन संविधान द्वारा जन गण मन को राष्ट्रगान और वंदे मातरम् को राष्ट्रगीत के रूप में स्वीकार किया गया था, जो नागरिक कर्तव्यों और राष्ट्रीय मूल्यों की याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 की शुरुआत नए अवसरों और आशाओं का प्रतीक है और वसंत पंचमी के साथ युवाओं के जीवन में एक नया “वसंत” आरंभ हो रहा है।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि भारत एकमात्र प्रमुख अर्थव्यवस्था है जिसने एक दशक में अपना जीडीपी दोगुना किया है और आज 100 से अधिक देश भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश कर रहे हैं, जो वैश्विक विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने दोहराया कि युवाओं को कौशल से जोड़ना और रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता रही है, जिसके तहत रोज़गार मेला मिशन मोड में संचालित किया जा रहा है।
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