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13वीं देवभूमि रामलीला का भव्य शुभारंभ, बद्रीनाथ मंदिर प्रांगण में गूंजा प्रभु श्रीराम का जयघोष

डॉ. मनोज मलिक ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया रामलीला का शुभारंभ, प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का दिया संदेश

अमर चंद्र
नई दिल्ली। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन देशभर में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ प्रभु श्रीराम के जीवन प्रसंगों पर आधारित रामलीलाओं का शुभारंभ हुआ। दिल्ली-एनसीआर सहित देश के विभिन्न शहरों में रामलीला मंचनों के माध्यम से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों, त्याग, सत्य, धर्म और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की परंपरा एक बार फिर आरंभ हो गई। इसी कड़ी में पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर स्थित बद्रीनाथ मंदिर पार्क में आयोजित 13वीं देवभूमि रामलीला का शुभारंभ रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को विधि-विधान एवं धार्मिक परंपराओं के अनुरूप किया गया।देवभूमि संस्कृति धार्मिक समिति (पंजीकृत) के तत्वावधान में 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाली इस रामलीला के शुभारंभ अवसर पर श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। धार्मिक वातावरण, भक्ति भाव और पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच आयोजित कार्यक्रम ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत तथा भारतीय धार्मिक परंपराओं की जीवंत झलक प्रस्तुत की।

डॉ. मनोज मलिक ने किया दीप प्रज्ज्वलित

रामलीला के शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि एवं लवली ग्रुप ऑफ स्कूल्स, दिल्ली के चेयरमैन डॉ. मनोज मलिक ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेने और उनके आदर्शों को अपने आचरण में उतारने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में डॉ. मलिक ने समाज में नैतिक मूल्यों, संस्कारों, आपसी सद्भाव और सामाजिक समरसता को मजबूत बनाने में धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन मर्यादा, सत्य, त्याग, कर्तव्य और लोककल्याण का अनुपम उदाहरण है। रामलीला जैसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं।
13 वर्षों से संस्कृति और आस्था का संगम
देवभूमि संस्कृति धार्मिक समिति द्वारा लगातार 13वें वर्ष आयोजित की जा रही यह रामलीला क्षेत्र में धार्मिक आस्था, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुकी है। समिति का उद्देश्य भगवान श्रीराम की जीवन लीलाओं के मंचन के माध्यम से उनके आदर्शों को समाज तक पहुंचाना तथा नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से परिचित कराना है।
बद्रीनाथ मंदिर पार्क, पश्चिम विनोद नगर में आयोजित इस दस दिवसीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान विभिन्न रामलीला प्रसंगों के मंचन के माध्यम से दर्शकों को भगवान श्रीराम के जीवन, उनके संघर्षों, आदर्शों और धर्म के प्रति अटूट निष्ठा से परिचित कराया जाएगा।

समिति पदाधिकारियों ने अतिथियों का किया स्वागत

कार्यक्रम में समिति के मुख्य संस्थापक देवेंद्र सिंह सजवाण, महासचिव योगेंद्र सिंह राणा, उपाध्यक्ष गोविंद सिंह रावत, दुर्गिका प्रसाद खण्डूड़ी, भगवती चतुर्वेदी, गीता रावत, प्रदीप शर्मा, कुन्दन भैसोड़ा, गणेश गौरा, संगठन सचिव अतुल रावत, सचिव मनोज पाण्डेय, सांस्कृतिक सचिव सुभाष कुकरेती, कोषाध्यक्ष दीपक भट्ट तथा रेणु अधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।
समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने मुख्य अतिथि का स्वागत एवं अभिनंदन किया। आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

प्रभु श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करने का संदेश

रामलीला का शुभारंभ केवल एक धार्मिक आयोजन की शुरुआत नहीं, बल्कि समाज को सत्य, न्याय, कर्तव्य, त्याग और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने का अवसर भी है। भगवान श्रीराम का जीवन यह संदेश देता है कि कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और मर्यादा का मार्ग नहीं छोड़ना चाहिए।
दिल्ली की भागदौड़ भरी जिंदगी के बीच ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज को अपनी परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ पारिवारिक और सामाजिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। देवभूमि रामलीला का 13वां आयोजन भी इसी उद्देश्य के साथ आरंभ हुआ है, जिसमें श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक एकता का संदेश समाहित है।

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