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ग्लोबल हैप्पीनेस फोरम एवं फेस्टिवल 2026 का भव्य समापन, जयपुर से गूंजा खुशहाली और मानवता का संदेश

डॉ. आदित्य नाग ने धन्यवाद ज्ञापन में कहा संवेदनाओं, सद्भाव और परोपकार से सार्थक होती हैं जीवन की खुशियां

महापौर सुनील कोठारी के मुख्य आतिथ्य में विशिष्ट विभूतियों का सम्मान, मेजर जनरल अनुज माथुर ने अनुशासन और राष्ट्रसेवा को बताया आनंदमय जीवन का आधार

Amar Sandes दिल्ली /जयपुर 2026।गुलाबी नगरी जयपुर के बिरला सभागार में आयोजित दो दिवसीय ग्लोबल हैप्पीनेस फोरम एवं फेस्टिवल 2026 का रविवार को गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। खुशहाली, सकारात्मक जीवनदृष्टि, सामाजिक समरसता और मानवीय संवेदनाओं को समर्पित इस आयोजन में वक्ताओं ने प्रसन्नता को केवल व्यक्तिगत अनुभूति तक सीमित न रखते हुए इसे समाज और मानवता से जोड़ने पर बल दिया। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया तथा बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को भी प्रोत्साहित किया गया।

 

समारोह के मुख्य अतिथि जयपुर के महापौर श्री सुनील कोठारी रहे। मेजर जनरल अनुज माथुर एवं डॉ. आदित्य नाग की विशिष्ट उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। इस अवसर पर श्री के. विक्रम रस्तोगी सहित अनेक गणमान्य अतिथि, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि, आयोजक और प्रतिभागी उपस्थित रहे।

महापौर सुनील कोठारी ने दिया खुशियां बांटने का संदेश

मुख्य अतिथि महापौर सुनील कोठारी ने अपने संबोधन में कहा कि सच्ची प्रसन्नता केवल स्वयं मुस्कुराने में नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में मुस्कान बिखेरने में निहित है। उन्होंने सामाजिक समरसता, सकारात्मक चिंतन और मानवीय मूल्यों को एक खुशहाल समाज के निर्माण की आधारशिला बताया। उनके संदेश ने इस विचार को प्रमुखता दी कि दूसरों के सुख-दुख के प्रति संवेदनशील होना ही सार्थक जीवन की पहचान है।

मेजर जनरल अनुज माथुर ने अनुशासन और राष्ट्रसेवा को बताया प्रसन्नता का आधार

मेजर जनरल अनुज माथुर ने अपने प्रेरक संबोधन में अनुशासन, आत्मिक संतुलन, कृतज्ञता और राष्ट्रसेवा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इन मूल्यों को सार्थक एवं आनंदमय जीवन का महत्वपूर्ण आधार बताया। कार्यक्रम में प्रस्तुत विचारों ने व्यक्तिगत संतुलन के साथ सामाजिक दायित्वों के निर्वहन की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।

डॉ. आदित्य नाग ने कहा मानवता से जुड़कर अमर होती हैं खुशियां

समारोह के समापन अवसर पर फोरम की वरिष्ठ कार्यकारिणी समिति के सदस्य डॉ. आदित्य नाग ने भावपूर्ण धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रसन्नता को जीवन की मंजिल नहीं, बल्कि संवेदनाओं, सद्भाव और परोपकार से आलोकित एक सतत यात्रा बताया।

डॉ. नाग ने अपने संदेश में कहा कि जब हम किसी दूसरे व्यक्ति के जीवन में आशा का दीप जलाते हैं, तभी हमारी अपनी खुशियां भी सार्थक होती हैं। उन्होंने अतिथियों, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों, आयोजकों और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही, ऐसे आयोजनों को खुशहाल, संवेदनशील और समरस समाज के निर्माण की दिशा में प्रेरणादायी पहल बताया।

प्रतिभाओं का सम्मान, बच्चों की रचनात्मकता को प्रोत्साहन

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड्स एवं ब्रांड एम्बेसडर अवॉर्ड्स प्रदान किए गए। बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को नकद पुरस्कार देकर उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित किया गया। इसके अतिरिक्त विभिन्न पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया।

समारोह ने इस बात को रेखांकित किया कि खुशहाली का संबंध केवल भौतिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि सकारात्मक सोच, पारस्परिक सहयोग, संवेदनशीलता और सामाजिक सहभागिता से भी है। सम्मान समारोह, साहित्यिक गतिविधियों और प्रेरक संबोधनों के माध्यम से प्रतिभागियों को जीवन में मानवीय मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया गया।

खुशहाल समाज के निर्माण का संकल्प

ग्लोबल हैप्पीनेस फोरम एवं फेस्टिवल 2026 का समापन इस प्रेरणादायी संदेश के साथ हुआ कि खुशियां बांटने से बढ़ती हैं और मानवता से जुड़कर स्थायी अर्थ प्राप्त करती हैं। जयपुर में आयोजित इस दो दिवसीय आयोजन ने प्रसन्नता को व्यक्तिगत उपलब्धि से आगे बढ़ाकर सामाजिक सद्भाव, परोपकार और सामूहिक कल्याण से जोड़ने का संदेश दिया।

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