बिहार

बिहार में बाढ़ पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सख्त, बोले-राहत में देरी बर्दाश्त नहीं

हवाई सर्वेक्षण के बाद हाईलेवल बैठक; बक्सर से भागलपुर तक तटबंधों की निगरानी के निर्देश, 27 SDRF और 9 NDRF टीमें तैनात

Amar sandesh दिल्ली/पटना, 4 सितंबर। बिहार में बाढ़ की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने गंगा और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर, दियारा एवं निचले इलाकों की स्थिति तथा राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने ‘संकल्प’ सभागार में अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने में किसी भी स्तर पर देरी या लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने सभी बाढ़ प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने जिले में बने रहने तथा प्रभावित परिवारों की सूची तैयार कर उन्हें तत्काल आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने को कहा।

बक्सर से भागलपुर तक तटबंधों पर कड़ी निगरानी

सम्राट चौधरी ने जल संसाधन विभाग को बक्सर से भागलपुर तक गंगा के तटबंधों की लगातार निगरानी कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जाए और कहीं भी बड़े कटाव या तटबंध टूटने की स्थिति पैदा न हो। आवश्यकता पड़ने पर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने को भी कहा गया।

उन्होंने निचले और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में जिला प्रशासन, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

राहत शिविरों में भोजन की व्यवस्था पर जोर

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई केंद्रों के माध्यम से प्रभावित लोगों को नियमित भोजन और राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए। किसी भी प्रभावित परिवार को सहायता के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रशासन लोगों के बीच रहकर संवेदनशीलता के साथ काम करे, ताकि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भय और अफरा-तफरी का माहौल पैदा न हो।

27 एसडीआरएफ और 9 एनडीआरएफ टीमें तैनात

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य पूरी सतर्कता के साथ चलाए जा रहे हैं। राज्य में 27 एसडीआरएफ और 9 एनडीआरएफ टीमें तैनात की गई हैं। आवश्यकता के अनुसार इन टीमों की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

बैठक में बिहार मौसम सेवा केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले सप्ताह में भारी बारिश की संभावना नहीं है। जल संसाधन विभाग के सचिव चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि सोन नदी के जलस्तर में आने वाले दिनों में कमी आने की संभावना है। गंगा के जलस्तर में भी कमी का रुझान रहने का अनुमान है। प्रयागराज में गंगा के जलस्तर में कमी शुरू हो गई है, जिसका असर आगे बिहार में भी दिखाई पड़ सकता है।

CM डैशबोर्ड से जुड़ेगा कमांड सेंटर

बाढ़ की स्थिति पर सीधी निगरानी के लिए मुख्यमंत्री ने कमांड सेंटर को CM डैशबोर्ड से लिंक करने का निर्देश दिया। इसके जरिए प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति, राहत एवं बचाव कार्यों तथा प्रशासनिक गतिविधियों की नियमित निगरानी मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर से की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बाढ़ की स्थिति में लोगों की जान की सुरक्षा, त्वरित राहत और प्रभावी बचाव सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी मुस्तैदी से काम करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी रखने को कहा।

13 जिलों के डीएम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े

समीक्षा बैठक में 13 जिलों जहानाबाद, अरवल, भोजपुर, नालंदा, रोहतास, औरंगाबाद, मुंगेर, भागलपुर, बेगूसराय, खगड़िया, लखीसराय, कटिहार और वैशाली के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार और वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा बैठक में मौजूद रहे।

बैठक में उप मुख्यमंत्री एवं जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा सहित मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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