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Black and White Family NGO के संस्थापक एवं अध्यक्ष अंकित सिंह रावत के नेतृत्व में दिलशाद कॉलोनी से सीमापुरी तक निकली नशा-मुक्ति जन-जागरूकता यात्रा
Amar sandesh नई दिल्ली,
।
अक्टूबर 2026। नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों के प्रति समाज को जागरूक करने और युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देने के उद्देश्य से Black and White Family NGO के संस्थापक एवं अध्यक्ष अंकित सिंह रावत के नेतृत्व में मंगलवार को नशा-मुक्ति जन-जागरूकता यात्रा का आयोजन किया गया। दिलशाद कॉलोनी से शुरू हुई इस यात्रा में 200 से अधिक युवाओं के साथ बच्चों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने भाग लेकर नशे के खिलाफ सामूहिक आवाज बुलंद की।
यात्रा Black and White Institute, दिलशाद कॉलोनी से शुरू होकर वाल्मीकि चौक, सीमापुरी तक पहुंची।
यात्रा के दौरान युवाओं और अन्य प्रतिभागियों ने नशे के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करते हुए स्वस्थ और नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया। हाथों में जागरूकता पोस्टर और नारों के साथ निकली यात्रा ने क्षेत्रवासियों का ध्यान नशे की समस्या की ओर आकर्षित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता दिलशाद गार्डन के निगम पार्षद एवं Black and White Family NGO के संरक्षक वीर सिंह पंवार ने की। वहीं NGO के उपाध्यक्ष अमित सिंह रावत ने युवा टीम के साथ अभियान के आयोजन एवं व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में DCP शाहदरा आर. पी. मीना को आमंत्रित किया गया था, लेकिन एक अत्यावश्यक कार्यक्रम के कारण वे उपस्थित नहीं हो सके।
ब्रह्माकुमारीज़ संस्था का विशेष सहयोग
नशा-मुक्ति अभियान में ब्रह्माकुमारीज़ संस्था का विशेष सहयोग रहा। बी.के. अनुराधा ने उपस्थित लोगों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवन जीने की शपथ दिलाई। इस दौरान प्रतिभागियों ने नशे से स्वयं दूर रहने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
यात्रा के दौरान “नशे को ना, जीवन को हाँ”, “युवा जागेगा, समाज बदलेगा” और “नशामुक्त युवा—सुरक्षित समाज—उज्ज्वल भविष्य” जैसे नारों से वातावरण गूंजता रहा। युवाओं ने लोगों से नशे की गिरफ्त से दूर रहने तथा सकारात्मक सोच के साथ समाज और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।
बच्चों ने पोस्टरों के जरिए दिया नशामुक्ति का संदेश
अभियान में बच्चों की भागीदारी भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। बच्चों ने स्वयं तैयार किए गए नशा-विरोधी जागरूकता पोस्टरों के माध्यम से लोगों को नशे के खिलाफ संदेश दिया। उनके हाथों में मौजूद पोस्टरों में नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवन अपनाने और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की अपील की गई।
आयोजकों के अनुसार बच्चों और युवाओं की इस तरह की भागीदारी से नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश परिवारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। अभियान का उद्देश्य केवल एक दिन की जागरूकता तक सीमित न रहकर समाज में लगातार संवाद और चेतना पैदा करना है।
सामाजिक सहभागिता बनी अभियान की ताकत
नशा-मुक्ति जन-जागरूकता यात्रा को सफल बनाने में क्षेत्र के अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने सहयोग किया। अभियान में त्रिलोक रावत, जे.पी.एस. नेगी, अनूप सिंह रावत, वीरेंद्र रावत, विक्की सचदेवा, नदीम, सत्य प्रकाश, अंकित गुप्ता एवं मनीष मौर्य सहित अनेक सहयोगियों की सक्रिय भागीदारी रही।
युवा टीम में आशुतोष मिश्रा, चंदन डागोर, कृष्ण कुमार, साहिल यादव, हिनेश पांडे, जॉनी प्रधान एवं युवराज सिंह ने सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं सिमरन सिंह, दीपा बिष्ट, गौरी सनवाल, रेखा मिश्रा, प्रेम लता, किरण जायसवाल एवं मीना बैरवा सहित मातृशक्ति ने भी अभियान में सहभागिता कर नशामुक्त समाज के संदेश को मजबूत किया।
यात्रा के समापन चरण में सुषमा वाधवा एवं रघुबीर ने पहुंचकर अपना सहयोग दिया। वहीं तेज समाचार के पत्रकार संदीप ने अभियान की मीडिया कवरेज में सहयोग किया।
अंकित सिंह रावत बोले “200 से शुरुआत, लक्ष्य हजारों लोगों तक पहुंचना”
Black and White Family NGO के संस्थापक एवं अध्यक्ष अंकित सिंह रावत ने कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता केवल किसी एक कार्यक्रम या संस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आज 200 से अधिक लोगों ने नशे के खिलाफ जागरूकता के संदेश के साथ कदम बढ़ाया है और आने वाले समय में इस अभियान की आवाज हजारों युवाओं एवं परिवारों तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
अंकित सिंह रावत ने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखना केवल उनके भविष्य को सुरक्षित करने का विषय नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज के भविष्य से जुड़ा सवाल है। उन्होंने कहा कि उनका संकल्प स्पष्ट है कि स्वयं नशे से दूर रहना और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति लगातार जागरूक करना है।
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि अपनी ऊर्जा को नशे जैसी बुराइयों में लगाने के बजाय शिक्षा, खेल, रोजगार, सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण जैसे सकारात्मक कार्यों में लगाया जाए। उनका कहना था कि युवा शक्ति यदि सही दिशा में आगे बढ़े तो समाज में व्यापक सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
हजारों लोगों तक अभियान पहुंचाने का लक्ष्य
Black and White Family NGO की ओर से युवाओं, अभिभावकों, सामाजिक संस्थाओं और क्षेत्रवासियों से अपील की गई कि वे नशे के खिलाफ इस मुहिम से जुड़ें और अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। संस्था का उद्देश्य आने वाले समय में इस अभियान को और व्यापक बनाकर अधिक से अधिक युवाओं और परिवारों तक पहुंचाना है।
आयोजकों का कहना है कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए परिवार, समाज, युवा, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों की सामूहिक भागीदारी जरूरी है। यदि प्रत्येक परिवार अपने स्तर पर युवाओं को जागरूक करे और नशे के खिलाफ आवाज उठाए तो इस सामाजिक समस्या से मुकाबले के प्रयासों को मजबूती मिल सकती है।
नशे के खिलाफ निकली यह जन-जागरूकता यात्रा इसी सामूहिक सोच का संदेश देती नजर आई कि युवा शक्ति को नशे से बचाकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाना समाज की साझा जिम्मेदारी है। नशामुक्त भारतसशक्त भारत।
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