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‘खादी फैशन के पसंदीदा वस्त्र के रूप में पहनकर ‘वोकल फॉर लोकल’ जोर दे युवा

दिल्ली।खादी को युवाओं से जोड़ने के प्रयासों के तहत खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने गांधी जयंती के अवसर पर आईआईटी, दिल्ली के परिसर में हाल ही में नवीनीकृत किए गए खादी इंडिया के एक आउटलेट का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान- ‘खादी राष्ट्र के लिए; खादी फैशन के लिए, खादी परिवर्तन के लिए’ के विजन से प्रेरित – केवीआईसी के अध्यक्ष मनोज कुमार ने आज आईआईटी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में इस आउटलेट का शुभारंभ किया।

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 26 सितंबर 2023 को भारत मंडपम में जी20 यूनिवर्सिटी कनेक्ट के समापन में अपने संबोधन में खादी की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने भारत के युवाओं से स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत को प्रोत्साहन देने के लिए देश के वस्त्र ‘खादी’ को फैशन के पसंदीदा वस्त्र के रूप में पहनकर ‘वोकल फॉर लोकल’ और मेड इन इंडिया के द्वारा अपनी शक्ति प्रदर्शित करने को कहा। उन्होंने छात्रों से अपने कॉलेजों में खादी पहनने का आग्रह किया और इसलिए आईआईटी दिल्ली के परिसर में खादी ग्रामोद्योग भवन का शुभारंभ अभिनव डिजाइनों को छात्रों के द्वार पर सुलभ बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है।

 

नए आउटलेट के शुभारंभ के साथ, केवीआईसी के अध्यक्ष और सदस्य, केवीआईसी नागेंद्र रघुवंशी ने खादी संस्थानों के सहयोग से खादी उत्कृष्टता केंद्र (सीओईके) द्वारा डिजाइन किए गए परिधानों का नया संग्रह का भी लॉन्च किया

एमएसएमई मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) के सहयोग से खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के सहायतार्थ सीओईके की संकल्पना की गई थी। इसका उद्देश्य युवाओं और वैश्विक बाजार तक पहुंच कायम करना था। इस केंद्र को दिल्ली में हब एंड स्पोक्स मॉडल के रूप में स्पोक हब; बेंगलुरु, गांधीनगर, कोलकाता और शिलांग की तरह स्थापित किया गया है।

 

खादी आरामदायक, टिकाऊ और प्राकृतिक मूल का कपड़ा है। यह सर्दियों में गर्म और गर्मियों में ठंडा रहता है। हाथ से कताई और हाथ से बुनाई की प्रक्रिया से तैयार होने के कारण यह टिकाऊ और इलेक्ट्रिक एनर्जी न्यूट्रल है। प्रधानमंत्री के प्रयासों से इसकी व्यापक स्वीकृति और वैश्विक पहुंच ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवारों के लिए बेहतर आजीविका अर्जित करने की आशा लेकर आई है।

यह नई परिधान श्रृंखला जीवंत रंगों और दिलचस्प आकारों के साथ खादी को आकर्षक बनाने तथा युवाओं को खादी की ओर आकृष्ट करने के लिए बनाई गई है। आईआईटी आउटलेट के माध्यम से खुदरा बिक्री के लिए परिधानों की 9 शैलियों के गुणवत्तापूर्ण और मानकीकृत उत्पादन के लिए सीओईके की टीम ने खादी संस्थानों का मार्गदर्शन किया है। खादी को नए अंदाज में प्रस्तुत करने की लहर शुरू करने वाला यह पहला आउटलेट होगा।

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