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दीप सिलोड़ी एवं डी.एस. नेगी को सम्मानित किए जाने पर उत्तराखंड मीडिया संगठन दिल्ली-एनसीआर के अध्यक्ष अमर चंद ने दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
Amar sandesh नई दिल्ली। उत्तराखंड की पत्रकारिकता लोक संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को जन-जन तक पहुंचाने में योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित करने की पहल के तहत देवभूमि संस्कृति समिति द्वारा उत्तराखंड मीडिया संगठन दिल्ली-एनसीआर के दो पदाधिकारियों, दीप शर्मा सिलोड़ी एवं डी.एस. नेगी को ‘देवभूमि उत्तराखंड पत्रकार गौरव सम्मान–2026’ से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान आज विनोद नगर स्थित बद्रीनाथ प्रांगण में आयोजित रामलीला के अवसर पर प्रदान किया जाएगा।
दीप शर्मा सिलोड़ी, आंचल पत्रिका के संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार हैं। वे उत्तराखंड से जुड़ी खबरों को प्रमुखता से प्रकाशित करने के साथ ही प्रदेश की संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक सरोकारों को व्यापक स्तर पर सामने लाने का कार्य कर रहे हैं। उत्तराखंड मीडिया संगठन दिल्ली-एनसीआर में सचिव के रूप में वे संगठनात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
वहीं, डी.एस. नेगी मीडिया जगत से जुड़े अनुभवी व्यक्तित्व हैं और उत्तराखंड मीडिया संगठन दिल्ली-एनसीआर में कोषाध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। दोनों ही पत्रकार साथी उत्तराखंड की पहचान, समाज और संस्कृति से जुड़े विषयों को प्रमुखता देने के लिए जाने जाते हैं।
इस अवसर पर उत्तराखंड मीडिया संगठन दिल्ली-एनसीआर के अध्यक्ष अमर चंद ने दोनों साथियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पत्रकारिता केवल समाचारों के प्रकाशन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की आवाज बनने, सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और जनहित के मुद्दों को सामने लाने का सशक्त माध्यम भी है। ऐसे सम्मान पत्रकारों के योगदान को पहचान देने के साथ ही उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
अमर चंद ने देवभूमि संस्कृति समिति के संस्थापक देवेंद्र सजवाण एवं समिति के समस्त पदाधिकारियों का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रामलीला जैसे सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से उत्तराखंड की धार्मिक आस्था, लोक परंपराओं और सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा देना सराहनीय प्रयास है। पत्रकारों को सम्मानित करने की यह पहल संस्कृति और समाज के प्रति समर्पित व्यक्तित्वों के योगदान को उचित पहचान प्रदान करती है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, पत्रकारिता और सामाजिक एकता को मजबूत करने वाले ऐसे आयोजन भविष्य में भी निरंतर आयोजित होते रहेंगे।
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