अन्य राज्यउत्तर प्रदेशउत्तराखण्डकर्नाटकगुजरातगोवाछत्तीसगढ़जम्मू कश्मीरझारखण्डदिल्लीपंजाबबिहारमध्य प्रदेशमहाराष्ट्रराजस्थानराष्ट्रीयहरियाणाहिमाचल प्रदेश

“गांव की पंचायत अब स्मार्ट! ₹3 लाख करोड़ के डिजिटल पेमेंट और AI वॉयस मीटिंग टूल से बदल गया शासन”

Amar sandesh नई दिल्ली। पंचायती राज मंत्रालय ने देशभर की ग्राम पंचायतों में डिजिटल और समावेशी शासन को नई ऊँचाई पर पहुँचाते हुए दो बड़े मील के पत्थर हासिल किए हैं

 ई-पंचायत मिशन के तहत विकसित eGramSwaraj प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब ₹3 लाख करोड़ से अधिक के भुगतान डिजिटल तरीके से किए जा चुके हैं, जबकि एआई-संचालित SabhaSaar टूल 23 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध हो गया है, जिससे ग्राम सभा कार्यवाहियों को स्थानीय भाषाओं में रिकॉर्ड और ट्रैक करना आसान हो गया है।

eGramSwaraj प्लेटफॉर्म ने विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं को वास्तविक समय में भुगतान करने की सुविधा देकर पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली सुनिश्चित की है। PFMS (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के साथ एकीकृत यह प्लेटफॉर्म पंचायत स्तर पर योजना, लेखांकन और व्यय को सुव्यवस्थित करता है और नकद-आधारित प्रक्रियाओं को तेज़, भरोसेमंद और धोखाधड़ी-रोधी सिस्टम में बदलता है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में, पंचायतों ने eGramSwaraj-PFMS इंटरफेस के जरिए ₹53,342 करोड़ हस्तांतरित किए। कुल 2,55,254 ग्राम पंचायतों ने अपने विकास योजनाओं को ऑनलाइन अपलोड किया। अब तक 2,59,798 पंचायतें ऑनबोर्ड हो चुकी हैं और 1,60,79,737 विक्रेताओं को प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत किया गया है।

ग्राम सभा में एआई का कमाल

14 अगस्त 2025 को लॉन्च हुए SabhaSaar टूल ने ग्राम सभा की कार्यवाही में क्रांति ला दी है। यह वॉयस-टू-टेक्स्ट मीटिंग सारांशण टूल अब 23 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिसमें असमिया, बोडो, डोगरी, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिली, मणिपुरी, नेपाली, संथाली और सिंधी जैसी भाषाएं शामिल हैं।

SabhaSaar स्वचालित रूप से मिनट्स, उपस्थिति, संकल्प और कार्य बिंदुओं को रिकॉर्ड करता है, जिससे ग्राम सभा की प्रक्रियाएं अधिक सुलभ, पारदर्शी और भागीदारीपूर्ण बन गई हैं। अब तक 1,11,486 ग्राम पंचायतों ने इस टूल का उपयोग किया है।

्इस प्लेटफॉर्म की सफलता को राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है। इसे द इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के टेक्नोलॉजी सभा एक्सीलेंस अवार्ड्स 2026 में विजेता (AI श्रेणी) और इकोनॉमिक टाइम्स गॉवटेक अवॉर्ड्स 2026 में एआई फॉर सोशल इम्पैक्ट श्रेणी में सिल्वर अवार्ड प्रदान किया गया।

गांव-गांव तक डिजिटल सशक्त पंचायत

ये पहल पंचायती राज मंत्रालय की निरंतर कोशिशों का प्रमाण हैं, जो ग्रामीण भारत में वित्तीय शासन और लोकतांत्रिक भागीदारी दोनों को मजबूत कर रही हैं। अब हर पंचायत अपने विकास कार्यों और वित्तीय लेन-देन को डिजिटल रूप से ट्रैक कर सकती है और ग्राम सभा की कार्यवाही को अपने स्थानीय भाषा में रिकॉर्ड कर सकती है

Share This Post:-

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *