प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया हर घर तिरंगा अभियान पूरी दुनिया के लिए एक संदेश है—–अमित शाह

दिल्ली। दिल्ली में तिरंगे की अभिकल्पना करने वाले पिंगलि वेंकय्या जी की जयंती पर आयोजित ‘तिरंगा उत्सव’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पिंगलि वेंकय्या जी के परिवार के सदस्यों का सम्मान किया, और उनकी स्मृति में एक डाक टिकट जारी किया। साथ ही गृह मंत्री ने हर घर तिरंगा थीम गीत को भी लॉंच किया।

कार्यक्रम में संस्कृति, पर्यटन और उत्तर-पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी, संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, संसदीय कार्य और संस्कृति राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल, विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी और संचार राज्य मंत्री श्री देवुसिंह चौहान सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।

इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आज महान स्वतंत्रता सेनानी पिंगलि वेंकय्या जी की 146वीं जयंती है, जिन्होंने हमारी आन, बान, शान और देश के निशान तिरंगे को बनाया और लोगों के बीच प्रस्थापित किया। श्री शाह ने कहा कि इसी तिरंगे की कसम खाकर सीमा पर देश का जवान अपना सर्वस्व अर्पण कर देता है, इसी तिरंगे को देखकर देश के करोड़ों किसान पूरी दुनिया का पेट भरने के लिए पुरुषार्थ करते हैं और ये तिरंगा ही है जो देशवासियों के दिल में देश का निशान बनकर प्रस्थापित हुआ है।

श्री अमित शाह ने कहा कि ये वर्ष आज़ादी के अमृत महोत्सव का वर्ष है और देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने इस वर्ष 13 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा का कार्यक्रम शुरू किया है। उन्होंने कहा कि उस दिन की कल्पना कीजिए जब देश के 20 करोड़ घरों पर तिरंगा शान से लहरा रहा हो, यह कल्पना करते ही आज़ादी के अमृत महोत्सव का महत्व हमारे दिलोदिमाग़ में सजीव हो जाएगा। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने आवाहन किया है कि आज 2 अगस्त से सभी अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर तिरंगा लगायें और 13 से 15 अगस्त तक अपने घरों पर तिरंगा फहराकर पूरी दुनिया को बताएं कि मोदी जी के नेतृत्व में भारत पुन: महान बनने की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा आज़ादी का अमृत महोत्सव मनाने के निर्णय के पीछे तीन उद्देश्य हैं। पहला, जिन हज़ारों जाने-अनजाने स्वतंत्रता सेनानियों ने आज़ादी के लिए बलिदान दिया, आज़ादी के अमृत महोत्सव के माध्यम से वेंकय्या जी जैसे आज़ादी के उन वीर नायकों की कथाओं को युवा पीढ़ी के सामने रखना। 1857 से 1947 तक के 90 सालों की आज़ादी की जंग में देश के लाखों सपूतों ने देश को अंग्रेज़ों के चंगुल से मुक्त कराने के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया था, ये वर्ष उन सभी शहीदों को श्रद्धांजलि देने का माध्यम बन रहा है। दूसरा, आज़ादी के बाद के 75 सालों में भारत ने हर क्षेत्र में अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं, इन्हें देश -विदेश में जन-जन तक ले जाना। तीसरा उद्देश्य है, आज़ादी के अमृत महोत्सव से आज़ादी के शताब्दी वर्ष तक का 25 साल का ये कालखंड संकल्प का कालखंड है। ये हर नागरिक के लिए, 2047 में भारत हर क्षेत्र में कैसा और कहां होगा, इसका संकल्प लेने और हर क्षेत्र में भारत को सर्वश्रेष्ठ बनाने का वर्ष है। आज़ादी के अमृत महोत्सव के इस वर्ष में लिए गए इन संकल्पों को हम सब भारतीय आज़ादी के अमृत काल, यानी 2022 से 2047 तक के 25 सालों में पूरा करेंगे तो भारत माता निश्चित रूप से विश्व गुरू बनेगी।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा शुरू किया गया हर घर तिरंगा अभियान पूरी दुनिया के लिए एक संदेश है कि भारत का हर नागरिक हमारे संविधान निर्माताओं की कल्पना और अपेक्षाओं के अनुसार भारत की समृद्धि, सुरक्षा और संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए एकजुट होकर काम कर रहा है। उन्होंने देश के युवाओं से कहा कि हर घर तिरंगा अभियान आपका अभियान है, यह महान भारत की रचना का एक बार फिर से शुभारम्भ करने वाला अभियान है, इस अभियान से जुडकर अपने घर पर तिरंगा फहरायें और उसके साथ सेल्फी लेकर www.harghartiranga.com अपलोड कर भारत को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमें कभी भी तिरंगे की रचना की प्रक्रिया को नहीं भूलना चाहिए। अगर हम तिरंगे की रचना और फिर संविधान सभा द्वारा इसकी स्वीकृति की यात्रा को समझ लेते हैं तो पिंगलि वेंकय्या जी को याद किए बिना नहीं रह सकते। इस महान तेलुगु राष्ट्रसेवक और स्वतंत्रता सेनानी नने करोड़ों भारतीयों की आशाओं,उमंगो और उनकी श्रद्धा को तीन रंगों में समाहित कर पूरे भारत को एकता के सूत्र में जोड़ने का काम किया,समग्र कृतज्ञ राष्ट्र की ओर से पिंगलि वेंकय्या जी को कोटि-कोटि नमन करता हूँ। उन्होंने कहा कि तिरंगे की अभिकल्पना करने वाले पिंगलि वेंकय्या जी ने गाँधी जी और लोकमान्य तिलक के सिद्धांतों पर चलकर बिना किसी स्वार्थ के एक मूक राष्ट्र सेवक की तरह अपना पूरा जीवन राष्ट्रहित को समर्पित किया। जब देश ने तिरंगे को स्वीकार किया तब यही तिरंगा हमारी देश की आन,बान और शान बना।

श्री अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रध्वज की यात्रा 7 अगस्त 1906 से शुरू हुई। 1921 में महात्मा गांधी ने श्री पिंगलि वेंकय्या जी को नया राष्ट्रध्वज डिजाइन करने का काम दिया। 29 दिसंबर 1943 को पोर्ट ब्लेयर में महान स्वतंत्र सेनानी नेताजी सुभाष बाबू ने तिरंगा फहराया था। उन्होंने कहा कि तिरंगे का भगवा रंग त्याग,बलिदान और शौर्य का प्रतीक है,हरा रंग समृद्धि का प्रतीक है,सफेद रंग शांति और एकता का प्रतीक है। बीच में धर्म चक्र की 24 कंडिकाएं भारत के एक होने का प्रतिक है। आज पूरी दुनिया भारत को और भारत के राष्ट्रध्वज को सम्मान के साथ देख रही है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 2014 से लेकर आज 2022 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने पूरी दुनिया में भारत का सम्मान बढ़ाने का काम किया है। दुनिया में कोई भी समस्या हो, लेकिन जब तक भारत के प्रधानमंत्री मोदी जी के विचार सामने नहीं आते,दुनिया किसी भी समस्या पर अपना विचार तय नहीं कर पाती है। यह दिन देखने के लिए ही तो लाखों लोगों ने अपना बलिदान दिया था। एक ऐसे भारत की रचना जो आत्मनिर्भर हो,अपने अतीत पर गौरव करता हो,अपने भविष्य के लिए न केवल आश्वस्त हो बल्कि भविष्य की रूपरेखा भारत के युवा के दिमाग में स्पष्ट हो,ऐसे नए भारत की रचना मोदी जी के सामने,उनके नेतृत्व में और उनकी कल्पना के अनुसार हो रही है। श्री अमित शाह ने कहा कि हर किशोर,युवा के मन में एक बार अगर राष्ट्रभक्ति का संस्कार जागृत होता है तो वह देश की बहुत बड़ी ताकत बन जाता है और क्षेत्र में देश को महान बनाने की ऊर्जा प्रदान करता है।

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