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दिल्ली के यशोभूमि से दुनिया को संदेश भारत-अफ्रीका मिलकर लिखेंगे ऊर्जा क्रांति की नई कहानी 

Amar sandesh, नई दिल्ली।दिल्ली स्थित यशोभूमि में आयोजित भारत विद्युत शिखर सम्मेलन 2026 के तीसरे दिन भारत अफ्रीका रणनीतिक साझेदारी बैठक में ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत आधार देने पर सहमति बनी। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में दोनों पक्षों ने स्पष्ट किया कि अब साझेदारी केवल नीतिगत चर्चा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे धरातल पर परिणाम देने वाली दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।

बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीपद नायक, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मलावी की ऊर्जा मंत्री डॉ. जीन माथांगा, अफ्रीका50 के सीईओ अलैन एबोबिस्से सहित कई देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक के दौरान यह बात प्रमुखता से उभरकर सामने आई कि भारत और अफ्रीका के बीच ऊर्जा सहयोग में अपार संभावनाएं हैं, जिन्हें निवेश, तकनीकी साझेदारी और सार्वजनिक–निजी भागीदारी (PPP) के माध्यम से साकार किया जा सकता है। दोनों पक्षों ने नवीकरणीय ऊर्जा, ट्रांसमिशन नेटवर्क, ऊर्जा भंडारण और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में मिलकर कार्य करने पर जोर दिया।

केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में कमी से आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है और यह अनुभव अफ्रीकी देशों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। उन्होंने ‘वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ पहल को वैश्विक ऊर्जा कनेक्टिविटी के लिए अहम बताते हुए इसे भविष्य का मार्गदर्शक सिद्धांत बताया।

राज्य मंत्री श्री श्रीपद नायक ने कहा कि ऊर्जा तक पहुंच को केवल बुनियादी सुविधा न मानकर आर्थिक विकास के प्रमुख साधन के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने इस साझेदारी को समावेशी और दीर्घकालिक प्रभाव वाली बताते हुए इसे जमीनी स्तर पर लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत और अफ्रीका के बीच संबंध सहयोग और साझा विकास के सिद्धांत पर आधारित हैं। उन्होंने ऊर्जा प्रबंधन, डिजिटल गवर्नेंस और कृषि क्षेत्र में सहयोग को इस साझेदारी के प्रमुख स्तंभ बताया।

अफ्रीका50 के सीईओ अलैन एबोबिस्से ने कहा कि अफ्रीका अब सहायता नहीं बल्कि निवेश चाहता है, जो दीर्घकालिक लाभ और प्रभाव सुनिश्चित करे। वहीं, डॉ. जीन माथांगा ने ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा और माइक्रोग्रिड परियोजनाओं को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

बैठक में यह भी रेखांकित किया गया कि इंटरनेशनल सोलर अलायंस और भारत अफ्रीका ट्रांसमिशन परियोजनाएं दोनों पक्षों के बीच सफल सहयोग के उदाहरण हैं।

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