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खेलों के जरिए एकता का संदेश: दिल्ली में ‘लोथा स्पोर्ट्स मीट’ में उमड़ा जनसैलाब

खेलों के जरिए एकता का संदेश: दिल्ली में ‘लोथा स्पोर्ट्स मीट’ में उमड़ा जनसैलाब

-डॉ. के सी‌ पांडेय

वसंत कुंज, नई दिल्ली। राजधानी के वसंत कुंज स्थित रग्बी स्टेडियम में बीते दिनों दिल्ली लोथा बैपटिस्ट चर्च (DLBC) और लोथा स्टूडेंट्स यूनियन दिल्ली (LSUD) के संयुक्त तत्वावधान में वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। “एकजुटता” (Togetherness) के मूल मंत्र के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में न केवल नागा समुदाय, बल्कि पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों और मुख्यधारा भारत के प्रतिभागियों ने भी हिस्सा लेकर सांप्रदायिक सद्भाव की अनूठी मिसाल पेश की।

विविधता में एकता का संगम

इस खेल उत्सव का मुख्य उद्देश्य दिल्ली जैसे महानगर में आपसी रिश्तों को मजबूत करना, फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना और युवाओं की छिपी प्रतिभा को मंच प्रदान करना था। प्रतियोगिता में छह प्रमुख टीमों—DLBC, LSUD, नॉर्थ दिल्ली, किशनगढ़, X1 ब्रदर्स और नूह (Noah) टीम ने हिस्सा लिया। इन टीमों में विश्वविद्यालय के छात्र, दिल्ली पुलिस के जवान और विभिन्न क्षेत्रों के कामकाजी पेशेवर शामिल थे।

मैदान पर दिखा कड़ा मुकाबला सुबह की शुरुआत प्रार्थना और पादरी म्हाबेमो किथन के प्रेरक संबोधन के साथ हुई। उन्होंने कहा कि दिल्ली जैसे व्यस्त शहर में “एकजुटता” हमारे लिए कोई विकल्प नहीं, बल्कि जीवन के संघर्षों के बीच एक मजबूत आधार है। इसके बाद मैदान पर रोमांचक मुकाबलों का दौर शुरू हुआ।फुटबॉल मे DLBC की पुरुष और महिला दोनों टीमों ने अपने शानदार रक्षण और आक्रामक खेल के दम पर खिताब अपने नाम किया।

वॉलीबॉल मे पुरुषों के वर्ग में नॉर्थ दिल्ली टीम ने दमदार स्पाइक्स के साथ जीत दर्ज की, जबकि महिलाओं में नूह (Noah) टीम विजयी रही। बास्केटबॉल मे नॉर्थ दिल्ली टीम ने अपनी तेजी और सटीक शूटिंग से दर्शकों का दिल जीत लिया और ट्रॉफी पर कब्जा किया।

एथलेटिक्स मे100 मीटर दौड़, रिले रेस और बाधा दौड़ में युवाओं का जोश देखते ही बनता था। वहीं बच्चों के लिए आयोजित विशेष खेलों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

शाम को आयोजित समापन समारोह की अध्यक्षता LSUD के अध्यक्ष श्री सी. रेंडेमो चांगलाओ ने की। मुख्य अतिथि के रूप में टाटा पावर एवं दिल्ली सरकार के वरिष्ठ प्रबंधक श्री एचुंगबेमो हुमत्सो और सहायक कमांडेंट श्री चुम्बेन नगुली उपस्थित रहे। उन्होंने विजेताओं को पदक और ट्राफियां प्रदान कीं। अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि जीत-हार से ऊपर उठकर यह आयोजन समाज को जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है।

यह खेल उत्सव केवल स्कोर और पदकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने टीम वर्क, भरोसे और लचीलेपन का पाठ पढ़ाया। रग्बी स्टेडियम में गूँजती तालियाँ इस बात का प्रमाण थीं कि खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि विभिन्न संस्कृतियों को एक सूत्र में पिरोने वाला ‘गोंद’ है।

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