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ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन पर होगा वैश्विक मंथन
Amar sandesh दिल्ली। समुद्र की लहरों, सुनहरी रेत, हरे-भरे जंगलों और सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत से सजा गोवा देश का एक ऐसा प्राकृतिक शहर है, जहां प्रकृति और जीवनशैली का अनूठा संगम देखने को मिलता है। नीला अरब सागर, ताड़ और नारियल के पेड़ों से सजे तट, शांत गांव, ऐतिहासिक चर्च और मंदिर गोवा को अलग पहचान देते हैं। यहां की सौम्य जलवायु, जैव विविधता, स्वच्छ वातावरण और बहुरंगी संस्कृति इसे केवल पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि शांति, सौंदर्य और जीवंतता का प्रतीक बनाती है। गोवा अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ मेहमाननवाजी, संगीत, खान-पान और सहज जीवनशैली के लिए भी देश-दुनिया में खास स्थान रखता है।
इस शहर गोवा में 27 से 30 जनवरी 2026 तक आयोजित होने जा रहा इंडिया एनर्जी वीक 2026 वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरने जा रहा है। वर्ष की पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बैठक के रूप में यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब दुनिया ऊर्जा मांग में वृद्धि, भू-राजनीतिक अस्थिरता और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से जूझ रही है। इस चार दिवसीय सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने, निवेश को गति देने और डीकार्बनाइजेशन के व्यावहारिक व टिकाऊ रास्तों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।
भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संरक्षण में आयोजित इस वैश्विक मंच का संयुक्त आयोजन फेडरेशन ऑफ इंडियन पेट्रोलियम इंडस्ट्री और डीएमजी इवेंट्स द्वारा किया जा रहा है। इंडिया एनर्जी वीक 2026 में दुनिया भर के मंत्री, वैश्विक कंपनियों के प्रमुख, नीति निर्माता, वित्तीय संस्थान, शिक्षाविद और प्रौद्योगिकी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ भाग लेंगे। आयोजकों के अनुसार इस बार 120 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी की उम्मीद है, जो भारत की बढ़ती वैश्विक ऊर्जा भूमिका को रेखांकित करती है।
पिछले संस्करणों की सफलता को आगे बढ़ाते हुए, 2026 का आयोजन और अधिक व्यापक स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है। वर्ष 2025 में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक में 68 हजार से अधिक प्रतिभागियों, 570 प्रदर्शकों और 5,400 से अधिक सम्मेलन प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था, जबकि 100 से अधिक सत्रों में 540 से ज्यादा वैश्विक वक्ताओं ने विचार साझा किए थे। आगामी संस्करण इन आंकड़ों को और आगे बढ़ाने की दिशा में तैयार है, जिससे इंडिया एनर्जी वीक विश्व के प्रमुख ऊर्जा संवाद मंचों में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी की वर्ल्ड एनर्जी आउटलुक 2025 रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2050 तक वैश्विक ऊर्जा मांग में होने वाली कुल वृद्धि का 23 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अकेले भारत का होगा। इसी पृष्ठभूमि में इंडिया एनर्जी वीक 2026 को एक ऐसे मंच के रूप में देखा जा रहा है, जहां नीति निर्माता और उद्योग जगत के नेता मजबूत, लचीली और सुरक्षित ऊर्जा प्रणालियों के निर्माण पर गंभीर चर्चा करेंगे।
इस आयोजन में भारत के सुधार-आधारित ऊर्जा मॉडल को विशेष रूप से प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें आर्थिक विकास, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और उपभोक्ता संरक्षण के बीच संतुलन को प्राथमिकता दी गई है। ऑयलफील्ड्स (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) अधिनियम 2025 और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियम 2025 के तहत किए गए सुधारों ने अपस्ट्रीम सेक्टर को नई मजबूती दी है। इन सुधारों से निवेश प्रक्रिया सरल हुई है, समयबद्ध मंजूरियों को बढ़ावा मिला है और दीर्घकालिक ऊर्जा परियोजनाओं के लिए स्थिर नीति ढांचा तैयार हुआ है।
इंडिया एनर्जी वीक 2026 में भारत के स्वच्छ ऊर्जा प्रयासों को भी प्रमुखता से रखा जाएगा। एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम ने भारत को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान दिलाई है, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत, कार्बन उत्सर्जन में कमी और किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित हुई है। इसके साथ ही बायोफ्यूल, ग्रीन हाइड्रोजन, सतत ईंधन और उभरती कम-कार्बन तकनीकों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए भारत द्वारा किए गए बुनियादी ढांचे के विस्तार को भी इस मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। पेट्रोल पंपों, सीएनजी स्टेशनों, पीएनजी कनेक्शनों और प्राकृतिक गैस पाइपलाइन नेटवर्क में हुए उल्लेखनीय विस्तार ने देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया है। वैश्विक तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत ने उपभोक्ताओं के लिए ईंधन मूल्य स्थिरता बनाए रखी है, जो सरकार की जन-केंद्रित नीति का उदाहरण है।
चार दिनों तक चलने वाले इंडिया एनर्जी वीक 2026 में मंत्रिस्तरीय बैठकें, वैश्विक सीईओ संवाद, सार्वजनिक-निजी क्षेत्र की चर्चाएं, तकनीकी प्रदर्शनियां, अंतरराष्ट्रीय पवेलियन और मीडिया संवाद आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन न केवल ऊर्जा क्षेत्र के लिए बल्कि वैश्विक सहयोग और निवेश के नए अवसरों के लिए भी एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा।
इंडिया एनर्जी वीक भारत का प्रमुख वैश्विक ऊर्जा मंच है, जो सुरक्षित, टिकाऊ और किफायती ऊर्जा भविष्य के लिए नीति, निवेश और नवाचार को बढ़ावा देता है। इंडिया एनर्जी वीक 2026 का आयोजन 27 से 30 जनवरी 2026 तक गोवा में किया जाएगा।
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