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दिल्ली के मंचों पर छाई देवभूमि की बेटी: स्वाति पहाड़ी बनीं युवा शक्ति की नई पहचान
अमर चंद्र
नई दिल्ली / पौड़ी गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड के जिला पौड़ी गढ़वाल, ब्लॉक रिखणीखाल के ग्राम कार्तिया की बेटी स्वाति पहाड़ी आज दिल्ली की युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणादायक नाम बन चुकी हैं। अपनी मेहनत, मृदुल स्वभाव और प्रभावशाली मंच संचालन के दम पर उन्होंने देश की राजधानी दिल्ली में अपनी एक अलग पहचान स्थापित की है।
स्वाति पहाड़ी न केवल एक कुशल मंच संचालक (एंकर) हैं, बल्कि अपने आत्मविश्वास और व्यवहारिक कुशलता से हर कार्यक्रम में एक नई ऊर्जा का संचार करती हैं।दिल्ली के कई बड़े सामाजिक और सांस्कृतिक मंचों का सफल संचालन कर चुकी स्वाति आज प्रवासी उत्तराखंडी समाज की “धड़कन” बनती जा रही हैं।
उनकी खासियत सिर्फ मंच तक सीमित नहीं है। स्वाति सामाजिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेती हैं और जरूरतमंदों के लिए हमेशा तत्पर रहती हैं।वे यह साबित कर रही हैं कि नई पीढ़ी केवल अपने करियर तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी बखूबी निभा रही है।
शिक्षा और सेवा का अद्भुत संगम
अपनी पढ़ाई के साथ-साथ स्वाति पहाड़ी नर्सिंग कोर्स भी कर रही हैं और भविष्य में इसे अपने करियर के रूप में अपनाने का लक्ष्य रखती हैं। सेवा और समर्पण के इस क्षेत्र को चुनकर वे समाज के प्रति अपनी संवेदनशीलता का परिचय दे रही हैं।
स्वाति हिंदी, गढ़वाली और अन्य भाषाओं में बेहद सहजता और कुशलता के साथ मंच संचालन करती हैं। उनकी भाषा शैली में मिठास और स्पष्टता का ऐसा संगम है, जो श्रोताओं को बांधे रखता है। अपने प्रदेश उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा और विरासत के प्रति उनका गहरा लगाव हर प्रस्तुति में झलकता है।
युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा आज के समय में जब युवा अपनी जड़ों से दूर होते जा रहे हैं, ऐसे में स्वाति पहाड़ी जैसी युवा प्रतिभाएं यह संदेश देती हैं कि अपनी संस्कृति और पहचान को साथ लेकर भी सफलता की ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है.“मंच की आवाज़, समाज की पहचान: स्वाति पहाड़ी का बढ़ता कद
स्वाति का सफर यह साबित करता है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी मंच दूर नहीं। वे आज उत्तराखंड का नाम रोशन करते हुए नई पीढ़ी के लिए एक सशक्त प्रेरणा बन चुकी हैं।
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