Amar sandesh नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो गया। सत्र के पहले ही दिन आम आदमी पार्टी (आप) ने सदन का बहिष्कार किया। पार्टी ने पिछले शीतकालीन सत्र से विपक्ष के चार विधायकों के निलंबन को बरकरार रखने के फैसले का विरोध जताते हुए यह कदम उठाया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट सत्र की शुरुआत पर कहा कि “बजट 2026-27 हमारी सरकार का दूसरा बजट है, जो दिल्ली के विकास की गति को तेज करेगा और लोगों के जीवनस्तर को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।” उन्होंने इसे विकासोन्मुखी और जनहितकारी बजट बताया।
सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सर्वाधिक समय तक सरकार चलाने (8931 दिन) के रिकॉर्ड पर दिल्ली विधानसभा में अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई मंत्रियों और विधायकों ने प्रधानमंत्री के कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने कार्यों से देश और दुनिया में भारत का मान बढ़ाया है। प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित किया गया।
वहीं, आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है। विपक्ष की नेता आतिशी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, लेकिन पिछले एक वर्ष में सरकार ने विपक्ष को अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब विपक्ष को बोलने का मौका ही नहीं दिया जाता, तो विधानसभा सत्र बुलाने का औचित्य क्या है।
गौरतलब है कि 5 जनवरी 2026 को आयोजित शीतकालीन सत्र के दौरान उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के अभिभाषण में व्यवधान और हंगामे के आरोप में आम आदमी पार्टी के चार विधायक,संजీవ झा, कुलदीप कुमार, सोमदत्त और जरनैल सिंह,को सदन से निष्कासित कर निलंबित कर दिया गया था, जिसका विरोध जारी है।