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एआई से सशक्त ग्राहक सेवा की ओर बैंक ऑफ बड़ौदा का बड़ा कदम

Amar sandesh मुंबई। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने पिछले दिनों मुंबई में बैंक ऑफ बड़ौदा के एआई-संचालित बहुभाषी संवाद मंच ‘बॉब संवाद’ का औपचारिक शुभारंभ किया। यह प्लेटफॉर्म बैंकिंग क्षेत्र में एक अभिनव पहल माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य शाखाओं में ग्राहकों और कर्मचारियों के बीच संवाद को सरल, सटीक और प्रभावी बनाना है।

यह पहली बार है जब किसी बैंक ने इस प्रकार का एआई-आधारित बहुभाषी संवाद मंच स्थापित किया है। भाषा संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए विकसित इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्राहक और बैंक कर्मचारी अपनी-अपनी पसंदीदा भाषा में सहजता से संवाद कर सकेंगे।

कार्यक्रम के दौरान श्री एम. नागराजू ने इस पहल के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा को बधाई देते हुए कहा कि यह मंच बैंकिंग सेवाओं को अधिक समावेशी और सुलभ बनाएगा। उन्होंने कहा कि भाषाई विविधता वाले देश में इस तरह की तकनीक ग्राहक सेवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और यह पहल इस क्षेत्र में नया मानदंड स्थापित करेगी।

इस अवसर पर उन्होंने बैंक की हरित पहल ‘बॉब फॉरेस्ट’ का भी दौरा किया। मुंबई स्थित बीकेसी कार्यालय में निर्मित लगभग 6,000 वर्ग फुट का यह हरित उद्यान जैव विविधता को बढ़ावा देने के साथ स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने का कार्य कर रहा है। यह परियोजना बैंक के ग्रीन डिपॉजिट्स, ग्रीन बॉन्ड्स और पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं का विस्तार मानी जा रही है।

बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. देबदत्ता चंद ने कहा कि “बॉब संवाद” के माध्यम से बैंक अपनी शाखाओं को अधिक ग्राहक-अनुकूल और समावेशी बना रहा है। उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से अब ग्राहकों के साथ स्थानीय भाषाओं में वास्तविक समय में संवाद संभव हो सकेगा, जिससे सेवा की गुणवत्ता और दक्षता में सुधार आएगा।

पूरी तरह स्वविकसित यह मंच 22 भाषाओं में कम विलंबता के साथ दो-तरफा संवाद की सुविधा प्रदान करता है। इसमें टेक्स्ट के साथ-साथ वॉइस मोड भी उपलब्ध है, जिससे ग्राहक पढ़ने के बजाय सुनकर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा विशेष रूप से उन ग्राहकों के लिए उपयोगी होगी, जो पढ़ने की बजाय सुनना अधिक सहज मानते हैं।

पहले चरण में “बॉब संवाद” को तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र की 250 शाखाओं में लागू किया जाएगा। इसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से बैंक के व्यापक नेटवर्क में विस्तार दिया जाएगा।

यह पहल न केवल बैंकिंग सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का उदाहरण है, बल्कि भारत की भाषाई विविधता को ध्यान में रखते हुए ग्राहक सेवा को नई दिशा देने की एक महत्वपूर्ण कोशिश भी मानी जा रही है।

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