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एयरटेल ने ‘ओटीपी लीक से होने वाले फ्रॉड’ रोकने के लिए नया एआई-आधारित सुरक्षा फीचर लॉन्च किया

देहरादून। एयरटेल ने स्पैम की समस्या से निपटने के अपने लगातार प्रयासों के तहत आज अपना नया एआई-पावर्ड फ्रॉड अलर्ट सिस्टम लॉन्च किया है। यह फीचर ग्राहकों को ओटीपी (वन-टाइम पासवर्ड) से जुड़े बैंकिंग फ्रॉड से रियल-टाइम में सुरक्षित रखने में मदद करेगा।

आजकल धोखेबाज़ डिलीवरी, कस्टमर सपोर्ट या अन्य रोज़मर्रा की सेवाओं का बहाना बनाकर ग्राहकों पर जल्दबाज़ी का दबाव बनाते हैं और उनसे बैंकिंग ट्रांजैक्शन से जुड़ा ओटीपी साझा करवा लेते हैं। जैसे ही ओटीपी साझा किया जाता है, ग्राहक के बैंक खाते में जमा राशि धोखाधड़ी के खतरे में पड़ जाती है।

एयरटेल का नया एआई-पावर्ड सिस्टम ऐसी संदिग्ध परिस्थितियों की पहचान कर ग्राहकों को समय रहते सचेत करता है। जब किसी संभावित जोखिम भरी इनकमिंग कॉल के दौरान बैंक द्वारा भेजा गया ओटीपी डिटेक्ट होता है, तो एयरटेल तुरंत ‘फ्रॉड अलर्ट’ के ज़रिये ग्राहक को चेतावनी देता है कि कॉल पर रहते हुए बैंकिंग ट्रांजैक्शन का ओटीपी साझा करना जोखिम भरा हो सकता है।

इस मौके पर एयरटेल इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ शाश्वत शर्मा ने कहा,“हम एयरटेल को एक सुरक्षित नेटवर्क बनाने के मिशन पर काम कर रहे हैं। इस दौरान हमने महसूस किया है कि डिजिटल लेन-देन को सुरक्षित रखने में ओटीपी की अहम भूमिका होने के बावजूद, अपराधी अलग-अलग तरीकों से इसकी उपयोगिता को कमजोर कर रहे हैं। इसी को देखते हुए हमें एयरटेल के नेटवर्क स्तर पर एक महत्वपूर्ण तकनीकी प्रगति की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है, जिसे बैंकिंग फ्रॉड से सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए तैयार किया गया है।

हमारा नया, एआई-पावर्ड और स्वतः संचालित समाधान नेटवर्क स्तर पर पहले से सक्रिय रूप से काम करता है और रियल-टाइम में धोखाधड़ी की पहचान कर उसे रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है। व्यापक परीक्षणों में इस समाधान ने ऐसे स्कैम्स को रोकने में उच्च स्तर की सटीकता और प्रभावशीलता दिखाई है।”

पिछले दो वर्षों में एयरटेल ने एआई-आधारित कई सुरक्षा उपाय शुरू किए हैं, जैसे स्पैम कॉल अलर्ट और खतरनाक लिंक को ब्लॉक करना, ताकि फ्रॉड को शुरुआत में ही रोका जा सके। इन प्रयासों से नेटवर्क पर फ्रॉड में काफी कमी आई है, लेकिन ठग अब भी नकली पहचान और मनोवैज्ञानिक दबाव के ज़रिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। यह नया फीचर ऐसे ही खतरों से मोबाइल यूज़र्स को बचाने की दिशा में एक और बड़ा कदम है।

यह समाधान फिलहाल हरियाणा में सक्रिय है और एयरटेल इसे अगले दो हफ्तों में अपने सभी ग्राहकों के लिए चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराएगा।

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