उत्तर प्रदेशराज्यराष्ट्रीय

जैविक मेन के नाम से प्रसिद्ध आरके सिन्हा के द्वारा आयोजित कृषि कार्यक्रम में पहूँचे कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर

नोएडा, 10 अक्टूबर । जैविक मेन के नाम से प्रसिद्ध पुर्व सांसद आरके सिन्हा के द्वारा आयोजित कृषि कार्यक्रम में पहूँचे कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, आर के सिन्हा द्वारा आयोजित मल्टीलेयर फार्मिंग से होने वाले किसानों की आय वृद्धि की प्रशॅंसा की।

पानी कृषि के लिये आवश्यक तत्व है । जिस प्रकार , पानी की कमी भयंकर रूप से बढ़ रही है क्या हम पानी के बिना भी कृषि की कल्पना कर सकते हैं? लेकिन, यदि हम एक साथ, एक ही भूमि पर पाँच फसलें एक साथ उगायें, तो पाँच फसलों का कुल खाद, कीटनाशक, ग्रोथ प्रमोटर का इनपुट एक फसल के इनपुट से भी कम होता है। पानी तो 30% से भी कम लगता है।” ये बातें जैविक कृषि वैज्ञानिक सागर, मध्य प्रदेश निवासी आकाश चौरसिया जी ने मल्टी लेयर फ़ार्मिंग के प्रशिक्षण कार्यक्रम के पाँचवें दिन कही।

आज के कार्यक्रम की मुख्य विशेषता रही भारत सरकार के कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर का प्रशिक्षण कार्यक्रम में आगमन। इस मौके पर कृषि मंत्री श्री तोमर ने अपने व्यस्त कार्यक्रमों में से समय से भी ज्यादा समय निकालकर प्रशिक्षणार्थियों से बात की, और मल्टीलेयर फार्मिंग से होने वाले किसानों की आय वृद्धि की प्रशॅंसा की। श्री तोमर ने कहा कि एक ही भूमि पर पांच फसलें उगाने की सोच अद्भुत है। बढती आबादी और मजदूरी, सिकुडती और छोटी होती हुई पारिवारिक जोत के बीच मल्टीलेयर फार्मिंग एक आशा की किरण की तरह ही है।

उन्होने आकाश चौरसिया के प्रयासों की भूरी- भूरी प्रशॅंसा की। दोस्तपुर- मॅंगरौली और छपरौली गांवों के ग्राम प्रधानों ने मॅंत्री जी का स्वागत किया और किसानों के हित में कृषि कानूनों की प्रशॅंसा की।

महिला और बाल विकास मंत्रालय की विशेष सचिव एवं निदेशक श्रीमती रश्मि सिंह, आई॰ए॰एस॰ ने कहा कि “कृषि ही देश में महिलाओं की आजीविका का प्रमुख साधन है। छोटी सी जगह में ऐसा पैदावार करना जिससे पूरे साल किसानों को ख़ासकर महिलाओं को कुछ न कुछ पूरे साल आर्थिक लाभ होता रहे, यह अत्यंत ही सुखद परिकल्पना है।

उत्तर प्रदेश के अवकाश प्राप्त प्रमुख चीफ़ कोनज़र्वेटर ओफ़ फ़ारेस्ट श्री आर॰के॰ सिंह जैव विविधता की चर्चा करते हुये कहा कि “प्रकृति तो अपना श्रिंगार स्वयं तय करती है। यह यदि समझ लेंगे तो जैव विविधता को समझ लेंगे। जैव विविधता से ही सही ढंग की की प्राकृतिक कृषि सम्भव है।

कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्रालय के राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के राष्ट्रीय प्रबंधक राजीत सिन्हा ने भी अपने विचार व्यक्त किये।

Share This Post:-
Post Views: 52 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *