Thursday, March 12, 2026
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डीबीटी ने बचाये 2.50 लाख करोड़, डिजिटल मुद्रा पर सरकार-रिजर्व बैंक कर रहे कामः— निर्मला सीतारमण


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(महाबीर सिंह – वरिष्ट संवाददाता)

नयी दिल्ली, 25 जनवरीः। वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण ने आज कहा कि डिजिटल मुद्रा पर सरकार और रिजर्व बैंक काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) से विभिन्न योजनाओं में होने वाले धन के दुरूपयोग को रोकने में मदद मिली है और करीब 2.50 लाख करोड़ रूपये की बचत हुई।
सीतारमण बुहस्पतिवार को यहां दिल्ली विश्वविद्यालय में हिन्दू कालेज के 125वें स्थापना वर्ष के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। हिन्दू कालेज के खचाखच भरे सांगानेरिया आडिटोरियम में छात्रों के प्रश्न का उत्तर देते हुये उन्होंने कहा कि ‘डिजिटल करेंसी के मुद्दे पर रिजर्व बैंक काम कर रहा है, किसी भी काम में पारदर्शिता महतवपूर्ण है। नियामक और सरकार इस पर काम कर रहे हैं।’’
वहीं प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी को लेकर एक छात्र द्वारा पूछे गये सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका बड़ा लाभ मिला है। कोरोना महामारी के दौरान जब कई विकसित देश अपने नागरिकों तक मदद पहुंचाने के तौर तरीकों नहीं ढूंढ पा रहे थे तब भारत में डीबीटी काफी उपयोगी रहा। इसमें न केवल पारदर्शिता है बल्कि जिन फर्जी हाथों में मदद जा रही थी उसे रोका जा सके। ई-केवाईसी के जरिये जन कल्याण की 44 योजनाओं में 2.50 लाख करोड़ रूपये गलत हाथों में जाने से बचाये गये।
रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने हाल में दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक में कहा है कि डिजिटल करेंसी ‘मुद्रा का भविष्य’ है। इससे सीमा पार भुगतान लागत प्रभावी होने के साथ ही तेज और कारगर ढंग से हो सकेगा। भारत में नवंबर- दिसंबर 2022 में फिलहाल थोक और खुदरा श्रेणी में पायलट आधार पर डिजिटल करेंसी की शुरूआत की गई है। गवर्नर ने कहा कि पूरे देश में डिजिटल करेंसी की शुरूआत करना इसके पायलट प्रोजैक्ट की सफलता, अनुभव और उसकी कमियों को दूर करने पर निर्भर करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमें अभी यह दूरी तय करनी है, कोई लक्षित तिथि नहीं है ….. पूरे पैमाने पर इसे लागू करने की किसी तरह की जल्दबाजी में हम नहीं है, क्योंकि यह एक मुद्रा है, इसकी सुरक्षा, समग्रता और क्षमता सुनिश्चित करनी होगी।’’
वित्त मंत्री ने कहा कि आज ‘‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’’ है। आज ही के दिन 1950 में चुनाव आयोग की स्थापना हुई थी। चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में शामिल और आगामी चुनाव में पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के लिये ‘‘मेरा मत – मेरी ड्यूटी’’ अभियान शुरू किया है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वह मतदान को अपनी ड्यूटी समझें। मतदान के दिन को अवकाश, पिकनिक के तौर पर नहीं मनायें बल्कि अपना कर्तव्य समझकर सही उम्मीदवार को अपना मत दें। एक छात्रा ने जब उनसे पूछा मतदान किसे करना चाहिये — उन्होंने कहा, जो आपको सही लगता है।
वित्त मंत्री ने कहा कि हिन्दु कालेज का गौरवशाली इतिहास रहा है। हिन्दू कालेज से पढ़े कई लोग आज संसद में उनके साथी हैं। स्वतंत्रता संग्राम में भी हिन्दू कालेज की अहम भूमिका रही, वही भूमिका आज कालेज को आत्मनिर्भर और समृद्ध भारत बनाने में निभानी होगी। उन्होंने कालेज प्रबंधन से छात्रों को राष्ट्रीय मूल्य बताने और सभ्य नागरिक बनाने के साथ साथ उन्हें प्रौद्योगिकी और कौशल में आगे बढ़ाने की भी अपील की। उन्होंने कहा उद्योगों की चिंता को दूर किया जाना चाहिये। उद्योग किस तरह का ज्ञान और कौशल छात्रों में चाहते हैं, उस कमी को दूर किया जाना चाहिये।
सीतारमण ने विकसित भारत बनाने के लिये देश में विनिर्माण और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने पृथ्वी विज्ञान, अंतरिक्ष सहित 13 उभरते क्षेत्रों को मजबूत बनाने के उपाय किये हैं, अनुसंधान और विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में कई क्षेत्र हैं जिनमें भारत आज आत्म निर्भर है। उन्होंने कहा कि दूध, फल एवं सब्जियां, खाद्यान्न सहित कई नकदी फसलें है जिनमें भारत आत्मनिर्भर है और इनमें से कई का निर्यात भी कर रहा है। ‘‘लेकिन हमें खाने की बर्बादी से बचना चाहिये, लालच में अधिक लेकर उसे बेकार नहीं छोड़ना चाहिये।’’
दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने विश्वविद्यालय में नये भवन और आधुनिक सुविधाओं के लिये वित्त मंत्रालय द्वारा दिये समर्थन के लिये धन्यवाद दिया। उन्होंने विकसित भारत के लिये देशभक्त, संवेदनशील, मेहनती और जिम्मेदार नागरिक होना जरूरी बताया। हिन्दू कालेज संचालन समिति के चेयरमैन टी सी ए रंगाचारी ने कहा कि आज के युवा विकसित भारत के सबसे बड़ी लाभार्थी होंगे। महिला सशक्तिकरण का जिक्र करते हुये उन्होंने कहा कि कालेज फैकल्टी और छात्रों में महिलाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हिन्दू कालेज की प्रधानाचार्य प्रो. अंजू श्रीवास्तव ने कहा कि कालेज कल के भारत के निर्माताओं को तैयार कर रहा है। हमारे युवा आने वाली चुनौतियों का मुकाबला कर सकें उन्हें इसके लिये सक्षम बनाया जा रहा है।
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