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सिवनी जिले के पिपरिया में हुआ जन्म, चार बार विधायक, मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और बालाघाट से सांसद रह चुके हैं डॉ. बिसेन
अमर चंद्र
नई दिल्ली/देहरादून। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 अक्टूबर 2026 को छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति एवं फेरबदल की घोषणा की है। इसके तहत मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उनकी नियुक्ति संबंधित पद का कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगी।
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में हुआ जन्म
डॉ. ढाल सिंह बिसेन का जन्म 14 मई 1952 को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम सेवकराम बिसेन और माता का नाम सोनाबाई बिसेन है। वह पेशे से चिकित्सक और कृषक रहे हैं। उनकी शैक्षणिक योग्यता में आयुर्वेद तथा आधुनिक चिकित्सा एवं सर्जरी से संबंधित डिप्लोमा शामिल हैं। उन्होंने रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्वेदिक कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की।
चार बार विधायक, दो बार कैबिनेट मंत्री के रूप में जिम्मेदारी
डॉ. बिसेन का राजनीतिक सफर मध्य प्रदेश की राजनीति से जुड़ा रहा है। वह वर्ष 1990, 1993, 1998 और 2003 में मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। उन्होंने राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में भी कार्य किया।
वर्ष 2003 से 2004 के दौरान उन्होंने वन, परिवहन एवं खनन विभागों की जिम्मेदारी संभाली, जबकि वर्ष 2004 से 2005 तक वह स्कूल शिक्षा एवं जेल विभाग के कैबिनेट मंत्री रहे। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2011 से 2013 तक उन्होंने मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया।
बालाघाट से लोकसभा पहुंचे
वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में डॉ. ढाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश के बालाघाट संसदीय क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर निर्वाचित हुए। उन्होंने 17वीं लोकसभा में सांसद के रूप में कार्य किया। संसद में रहते हुए वह विभिन्न संसदीय समितियों से भी जुड़े रहे।
उनका राजनीतिक अनुभव मुख्य रूप से मध्य प्रदेश की विधानसभा, राज्य सरकार और संसद में कार्य करने से जुड़ा है। अब उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति के बाद उन्हें संवैधानिक पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उत्तराखंड को मिलेगा नया संवैधानिक प्रमुख
राज्यपाल के रूप में डॉ. बिसेन की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब उत्तराखंड में शासन-प्रशासन, संवैधानिक दायित्वों और राज्य के विकास से जुड़े विषय महत्वपूर्ण हैं। राज्यपाल का पद संवैधानिक व्यवस्था के अंतर्गत राज्य में सरकार के गठन, विधानसभा से संबंधित संवैधानिक प्रक्रियाओं और अन्य निर्धारित दायित्वों से जुड़ा होता है।
डॉ. ढाल सिंह बिसेन के राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव के साथ उत्तराखंड में उनकी नई जिम्मेदारी पर अब सबकी निगाहें रहेंगी।
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