दिल्ली

दिल्ली में 25 अक्टूबर को जुटेंगे साहित्यकार और संस्कृतिकर्मी, पर्वतीय शिल्पी समाज के मुद्दों पर भी होगी चर्चा

रमेश हितैषी बोले, समाज की एकजुटता, अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष जारी; साहित्यिक, कवि सम्मेलन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का होगा आयोजन

अमर चंद्र

नई दिल्ली। पर्वतीय शिल्पी समाज उत्थान समिति (पंजीकृत) के तत्वावधान में आगामी 25 अक्टूबर 2026, रविवार को दिल्ली के गढ़वाल भवन स्थित भागीरथी सभागार में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलन, कर्मवीर जयानंद भारतीय जी पर विशेष चर्चा, कवि सम्मेलन और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। समिति के अध्यक्ष, वरिष्ठ कवि, लेखक एवं समाज चिंतक रमेश हितैषी ने यह जानकारी दी।

रमेश हितैषी ने बताया कि समिति केवल साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के पर्वतीय शिल्पी समाज को एकजुट करने और समाज के लोगों के हितों के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। समिति समय-समय पर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक एकता, जागरूकता और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने का प्रयास करती है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का शिल्पी समाज आज भी अपने अधिकारों, सम्मान और सामाजिक हितों के लिए संघर्ष कर रहा है। समाज की समस्याओं के समाधान और लोगों को उनका उचित अधिकार दिलाने के लिए सामूहिक प्रयासों तथा एकजुटता की आवश्यकता है। समाज के लोगों को संगठित होकर अपनी आवाज उठानी चाहिए, ताकि उनकी समस्याओं और मांगों को उचित मंच पर प्रभावी ढंग से रखा जा सके।

साहित्य और संस्कृति के माध्यम से समाज को जोड़ने की पहल

रमेश हितैषी के अनुसार, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज को अपनी परंपराओं, भाषा, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे कार्यक्रमों से साहित्यकारों, कवियों, समाजसेवियों और संस्कृति प्रेमियों को एक मंच मिलता है। समिति का प्रयास है कि सामाजिक चेतना के साथ-साथ साहित्य और संस्कृति को भी प्रोत्साहित किया जाए।

सामाजिक और आर्थिक मजबूती पर भी जोर

रमेश हितैषी ने बताया कि पर्वतीय शिल्पी समाज उत्थान समिति साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के साथ-साथ शिल्पी समाज की सामाजिक और आर्थिक मजबूती के लिए भी निरंतर प्रयास कर रही है। संस्था का उद्देश्य समाज के लोगों को एकजुट करना, उनके हितों की रक्षा के लिए आवाज उठाना तथा उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाना है।

उन्होंने बताया कि आगामी 25 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड आर्य समाज कोऑपरेटिव अर्बन टी/सी सोसाइटी से संबंधित धन संग्रह तथा सोसाइटी की वार्षिक बैठक भी प्रस्तावित है। इसके माध्यम से समाज की आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने, आपसी सहयोग बढ़ाने और सामूहिक भागीदारी को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। इस प्रकार कार्यक्रम साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ-साथ सामाजिक और आर्थिक विषयों पर विचार-विमर्श का भी अवसर बनेगा।

सुबह 11 बजे होगा दीप प्रज्ज्वलन, दोपहर में कवि सम्मेलन

समिति की ओर से जारी निमंत्रण पत्र के अनुसार, कार्यक्रम सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की रूपरेखा के अनुसार, सुबह 11 बजे दीप प्रज्ज्वलन कर कर्मवीर जयानंद भारतीय जी का देश की आजादी और शिल्पी समाज के अधिकारों के लिए किये गए कार्यों ओर चर्चा 12 बजे से कवि सम्मेलन, दोपहर 1:30 बजे तदोपरांत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तावित हैं।

पर्वतीय शिल्पी समाज उत्थान समिति ने साहित्यकारों, कवियों, समाजसेवियों और संस्कृति प्रेमियों से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। समिति को उम्मीद है कि यह आयोजन सामाजिक एकजुटता, साहित्यिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने के साथ-साथ पर्वतीय शिल्पी समाज के सामाजिक एवं आर्थिक हितों पर चर्चा के लिए भी उपयोगी साबित होगा।

कार्यक्रम का विवरण

दिनांक: रविवार, 25 अक्टूबर 2026

समय: सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक

स्थान: भागीरथी सभागार, गढ़वाल भवन, नई दिल्ली

आयोजक: पर्वतीय शिल्पी समाज उत्थान समिति (पंजीकृत)

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