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स्वर्णिम भारत के नवनिर्माण में योगदान के लिए डॉ. आदित्य नाग सम्मानित

राष्ट्रीय वैदिक संगोष्ठी में हुआ अभिनंदन, शिक्षा-संस्कृति और समाजसेवा के क्षेत्र में योगदान को मिली प्रतिष्ठित पहचान

Amar sandesh नई दिल्ली/हरिद्वार। शिक्षा, समाजसेवा, सांस्कृतिक जागरण और राष्ट्रनिर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित शिक्षाविद् एवं समाजसेवी डॉ. आदित्य नाग को ‘इंद्र विद्या वाचस्पति सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें आर्य समाज, राजेंद्र नगर, नई दिल्ली तथा गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय वैदिक संगोष्ठी के दौरान प्रदान किया गया।

स्वामी श्रद्धानंद जी महाराज के बलिदान शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित इस राष्ट्रीय वैदिक संगोष्ठी में वैदिक चिंतन, भारतीय ज्ञान परंपरा, शिक्षा, संस्कृति, सामाजिक समरसता तथा राष्ट्रनिर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विद्वानों ने विचार रखे। इसी अवसर पर समाज और राष्ट्र के नवनिर्माण में उल्लेखनीय भूमिका निभाने वाली विभिन्न विभूतियों का सम्मान भी किया गया।

डॉ. आदित्य नाग लंबे समय से शिक्षा, समाजसेवा, युवा सशक्तीकरण, सांस्कृतिक जागरण, पर्यावरण संरक्षण, खेल संवर्धन तथा राष्ट्रीय चेतना से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ते हुए जनकल्याण, जागरूकता और राष्ट्रहित से जुड़ी अनेक पहलों में योगदान दिया है। समाज के विभिन्न वर्गों को साथ लेकर सकारात्मक बदलाव की दिशा में कार्य करना उनके सार्वजनिक जीवन की प्रमुख विशेषता रही है।

सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. आदित्य नाग ने आयोजक संस्थाओं और उपस्थित विद्वज्जनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए व्यक्तिगत गौरव से अधिक समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को और मजबूत करने की प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद जी महाराज का त्याग, वैदिक जीवन-दृष्टि और राष्ट्रसेवा का आदर्श आज भी समाज को शिक्षा, संस्कार और सामाजिक समरसता के माध्यम से मजबूत राष्ट्र के निर्माण की प्रेरणा देता है।

डॉ. नाग ने कहा कि भारत को वास्तविक अर्थों में स्वर्णिम बनाने के लिए भौतिक विकास के साथ ज्ञान, चरित्र, संस्कृति, करुणा और राष्ट्रीय चेतना का समन्वय आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने, उनमें नेतृत्व एवं सेवा भावना विकसित करने तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा और अवसर पहुंचाने को अपने प्रयासों की प्राथमिकता बताया।

संगोष्ठी में उपस्थित विद्वज्जनों और आयोजकों ने डॉ. आदित्य नाग के बहुआयामी सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा, संस्कार और सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता समाज के लिए प्रेरणादायी है। ‘इंद्र विद्या वाचस्पति सम्मान’ उनके दीर्घकालीन सामाजिक समर्पण और राष्ट्रहित में किए जा रहे कार्यों की महत्वपूर्ण पहचान है।

यह सम्मान डॉ. आदित्य नाग की सामाजिक एवं राष्ट्रसेवा की यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

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