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आईआईटी दिल्ली और आईएसबी हैदराबाद से हासिल की उच्च शिक्षा, राजमार्गों से लेकर अंतर्देशीय जलमार्गों तक कई अहम परियोजनाओं में निभा चुके हैं महत्वपूर्ण भूमिका
Amar sandesh नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड को नया निदेशक (परियोजनाएँ) मिल गया है। अवसंरचना विकास के क्षेत्र में 34 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्री आशुतोष गौतम ने कंपनी में निदेशक (परियोजनाएँ) का पदभार ग्रहण किया है। आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन कार्यरत एनबीसीसी में उनकी नियुक्ति को परियोजना प्रबंधन और बुनियादी ढांचे के विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
श्री गौतम को राजमार्ग, बंदरगाह, अंतर्देशीय जलमार्ग, लॉजिस्टिक्स और शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करने का व्यापक अनुभव है। अपने लंबे सेवाकाल के दौरान उन्होंने हजारों करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं के प्रबंधन, क्रियान्वयन और प्रशासन की जिम्मेदारियां संभाली हैं।
आईआईटी दिल्ली और आईएसबी हैदराबाद से हासिल की शिक्षा
शैक्षणिक रूप से भी श्री गौतम का मजबूत आधार रहा है। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक और मृदा यांत्रिकी एवं आधारभूत संरचना अभियांत्रिकी में एमटेक की उपाधि प्राप्त की है। इसके अलावा, उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईएसबी), हैदराबाद से अवसंरचना विकास एवं वित्तपोषण में उन्नत प्रबंधन कार्यक्रम पूरा किया है। उनके पास औद्योगिक संबंध एवं कार्मिक प्रबंधन में प्रबंधन स्नातकोत्तर डिप्लोमा तथा विधि स्नातक (एलएलबी) की डिग्री भी है।
एनएचएआई और अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण में निभाईं अहम जिम्मेदारियां
एनबीसीसी में कार्यभार संभालने से पहले श्री गौतम ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) में विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दीं। फरवरी 2021 से मई 2026 तक वे एनएचएआई से प्रतिनियुक्ति पर आईडब्ल्यूएआई में सदस्य (तकनीकी)-सह-उप परियोजना निदेशक, जल मार्ग विकास परियोजना के पद पर कार्यरत रहे। इस दौरान उन्होंने सदस्य (यातायात एवं लॉजिस्टिक्स) तथा लगभग एक वर्ष तक सदस्य (वित्त) का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।
एनएचएआई में उन्होंने पश्चिम बंगाल में वर्ष 2014 से 2017 तक तथा गुजरात में वर्ष 2017 से 2021 तक राज्य प्रमुख-सह-मुख्य महाप्रबंधक एवं क्षेत्रीय अधिकारी के रूप में कार्य किया। वे अहमदाबाद-वडोदरा एक्सप्रेसवे कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक भी रह चुके हैं। इसके अलावा, वाराणसी मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क लिमिटेड और ओडिशा सरकार की आईडब्ल्यूसीओएल के निदेशक मंडल में भी उन्होंने जिम्मेदारी निभाई।
स्वर्णिम चतुर्भुज और विश्व बैंक की परियोजनाओं का अनुभव
श्री गौतम ने एनएचएआई में महाप्रबंधक (वाणिज्यिक संचालन एवं लॉजिस्टिक्स) के रूप में भी कार्य किया। उत्तर प्रदेश के कानपुर और लखनऊ में तैनाती के दौरान उन्होंने लगभग 12 वर्षों तक विश्व बैंक की सड़क परियोजनाओं तथा स्वर्णिम चतुर्भुज और उत्तर-दक्षिण एवं पूर्व-पश्चिम गलियारा परियोजनाओं में परियोजना निदेशक के रूप में योगदान दिया। इस दौरान वे उत्तर प्रदेश में विश्व बैंक की सड़क परियोजनाओं के नोडल अधिकारी भी रहे।
उनका अनुभव केवल परियोजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बड़े राजमार्ग अनुबंधों के प्रशासन और एफआईडीआईसी अनुबंधों जैसे तकनीकी विषयों में भी उनकी विशेषज्ञता रही है।
विजन 2047 और शैक्षणिक संस्थानों में भी योगदान
श्री गौतम विभिन्न आईआईटी, आईआईएम, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, भारतीय राजमार्ग अभियंता अकादमी तथा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में मानद अतिथि संकाय सदस्य के रूप में योगदान देते रहे हैं। उन्होंने बड़े राजमार्ग अनुबंधों के प्रशासन सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक मार्गदर्शन प्रदान किया है।
इसके अतिरिक्त, वे विजन 2047 तैयार करने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं, जिसमें उन्होंने एसजीओएस-2 के अंतर्गत भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण और पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने अंतर्देशीय पोत अधिनियम एवं संबंधित नियमों के विकास में सदस्य सचिव के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
श्री आशुतोष गौतम के पास परियोजना नियोजन, तकनीकी प्रबंधन, वित्तीय एवं वाणिज्यिक संचालन तथा संस्थागत समन्वय का व्यापक अनुभव है। एनबीसीसी में निदेशक (परियोजनाएँ) के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी कंपनी की विभिन्न परियोजनाओं के प्रभावी प्रबंधन और अवसंरचना विकास से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
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