नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्रीय बजट 2026-27 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव रखने वाला ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बजट बताया है। आम बजट पर प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं, आशाओं और सपनों का घोषणापत्र है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत 12वां बजट है और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार 9वीं बार बजट प्रस्तुत करना अपने-आप में ऐतिहासिक उपलब्धि है। प्रेस को संबोधित करते हुए उन्होंने इसे देश के लिए गर्व का विषय बताया।
उन्होंने कहा, “यह बजट विकसित भारत के सपने को साकार करने का महाकाव्य है। यह समाज की समृद्धि और संकल्पों की सिद्धि का बजट है। यह डेवलप्ड इंडिया का डायनामिक बजट है, जो वर्ष 2047 के आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध भारत की मजबूत नींव रखता है।”
संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह बजट गांव, गरीब, किसान, युवा और महिला इन सभी वर्गों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चल रही योजनाओं से गरीबी लगातार कम हो रही है और यह बजट गरीब को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लखपति दीदी योजना को और सशक्त करते हुए बजट में ‘SHE-मार्ट’ की व्यवस्था की गई है। इसके तहत प्रत्येक ज़िले में कम्युनिटी-ओन्ड रिटेल आउटलेट स्थापित किए जाएंगे, जहाँ स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण बहनों द्वारा तैयार उत्पादों को बाज़ार उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण बहनें आजीविका से आगे बढ़कर उद्यमी बनेंगी।
ग्रामीण विकास पर प्रेस को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास विभाग के बजट में 21 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय का सम्मिलित बजट अब 4 लाख 35 हज़ार 779 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जो गांव और किसान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने बताया कि ‘विकसित भारत जी राम जी’ योजना के लिए राज्यों के अंशदान सहित लगभग 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। मनरेगा के अंतर्गत इस बार केंद्र का योगदान 95,692 करोड़ रुपये से अधिक रखा गया है, जो राज्यों के हिस्से के साथ मिलकर 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक होगा यह अब तक का सबसे बड़ा प्रावधान है।
पंचायती राज पर मीडिया को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 16वें वित्त आयोग के निर्णय के अनुसार पंचायतों को सीधे 55,900 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त होगी। पहले पाँच वर्षों में पंचायतों को लगभग 2.36 लाख करोड़ रुपये मिले थे, जो अब बढ़कर 4.35 लाख करोड़ रुपये हो गए हैं यानी लगभग दोगुनी राशि।
कृषि क्षेत्र पर बोलते हुए उन्होंने बताया कि कृषि विभाग का बजट बढ़ाकर 1,32,561 करोड़ रुपये कर दिया गया है। कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान, विशेषकर आईसीएआर के लिए 9,967 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों को सस्ती खाद उपलब्ध कराने के लिए 1,70,944 करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी दी जाएगी, जिससे किसानों की लागत कम होगी।
उन्होंने कहा कि नेशनल फाइबर स्कीम के तहत सिल्क, वूल और जूट पर विशेष फोकस किया गया है। आयुष मंत्रालय के माध्यम से औषधीय पौधों के सर्टिफिकेशन और निर्यात को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने की व्यवस्था भी की गई है।
कृषि डाइवर्सिफिकेशन पर प्रेस को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि नारियल, कोको, काजू और चंदन जैसी उच्च-मूल्य फसलों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। नारियल के पुराने बागों के पुनरुद्धार, नए बाग लगाने और फल-सब्ज़ी उत्पादन को बढ़ावा देने की व्यवस्था बजट में की गई है।
अंत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह बजट विकसित, स्वावलंबी और रोजगारयुक्त गांव के निर्माण का सशक्त माध्यम बनेगा। यह गरीबी दूर करने, किसानों की आय बढ़ाने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बजट 2026-27 विकसित भारत के सपने को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाएगा।