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Amar sandesh नई दिल्ली।हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (हडको) और एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के बीच दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य राजधानी में पुनर्विकास परियोजनाओं को गति देना और शहरी अवसंरचना को मजबूती प्रदान करना है।
समझौते पर हडको के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संजय कुलश्रेष्ठ और एनबीसीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के. पी. महादेवास्वामी की उपस्थिति में हस्ताक्षर हुए। दस्तावेजों को हडको की कार्यपालक निदेशक राधा रॉय, कार्यपालक निदेशक (व्यापार प्रसार) भूषण कुमार तथा एनबीसीसी के कार्यपालक निदेशक (व्यापार प्रसार) प्रदीप शर्मा ने निष्पादित किया। इस अवसर पर दोनों संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
एमओयू के तहत नई दिल्ली के भीकाजी कामा प्लेस स्थित अगस्त क्रांति भवन के ब्लॉक नंबर 25 में लीजहोल्ड प्लॉट के पुनर्विकास के लिए हडको वित्तीय सहयोग प्रदान करेगा। यह परियोजना एनबीसीसी के स्व-संधारणीय मॉडल के अंतर्गत विकसित की जाएगी, जिससे बिना अतिरिक्त सरकारी बोझ के विकास कार्य आगे बढ़ सकेगा।
इस साझेदारी से एनबीसीसी की चल रही और आगामी परियोजनाओं को वित्तीय मजबूती मिलेगी, जिससे परियोजनाओं की शुरुआत और पूर्णता दोनों में तेजी आने की उम्मीद है। साथ ही, परियोजनाओं के लाभांश में भी बढ़ोतरी संभावित है, जो अंततः हितधारकों के लिए फायदेमंद साबित होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस करार से न केवल दिल्ली में पुनर्विकास को नई गति मिलेगी, बल्कि परिसंपत्तियों का मूल्य भी बढ़ेगा और आधुनिक शहरी ढांचे के निर्माण को बल मिलेगा। यह कदम सरकारी कंपनियों के बीच सहयोग का एक प्रभावी मॉडल बन सकता है, जो भविष्य में बड़े स्तर पर विकास परियोजनाओं का मार्ग प्रशस्त करेगा।
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