Amar sandesh नई दिल्ली।भारतीय समुद्री सुरक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए महानिदेशक भारतीय तटरक्षक बल परमेश सिवामणि ने गोवा में एमजेपी इंडिया वॉटरजेट उत्पादन एवं परीक्षण सुविधा का उद्घाटन किया। यह पहल देश की समुद्री आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है।
कार्यक्रम में डीडीजी (मटेरियल एवं मेंटेनेंस) आईजी सुधीर साहनी, एमजेपी एबी स्वीडन के सीईओ जोनास टेगरस्ट्रोम, सीओओ स्टेफन स्जोलिन तथा एमजेपी इंडिया के एमडी एवं सीईओ एमआर एमपीएस गिल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
वर्तमान में तटरक्षक बल के पोतों पर 100 से अधिक एमजेपी वॉटरजेट प्रणोदन प्रणालियाँ सेवाओं में कार्यरत हैं तथा निर्माणाधीन जहाजों के लिए 42 अतिरिक्त प्रणालियाँ प्रस्तावित हैं। नई सुविधा से परिचालन स्थिरता, स्वदेशी रखरखाव क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता को उल्लेखनीय बढ़ावा मिलेगा। महानिदेशक ने भारत में इस उन्नत उत्पादन एवं परीक्षण ढांचे की स्थापना के लिए एमजेपी एबी, स्वीडन की सराहना करते हुए कहा कि यह पहल प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के माध्यम से भारत को अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बाद ऐसी सुविधा रखने वाला विश्व का तीसरा देश बनाती है।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि यह उपलब्धि वर्ष 2023 से प्रारंभ बहु-स्तरीय सहभागिताओं का परिणाम है और तटरक्षक बल की स्वदेशीकरण प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है। एमजेपी इंडिया सुविधा से मजबूत घरेलू आपूर्ति श्रृंखला विकसित होगी, वॉटरजेट का स्वदेशी परीक्षण संभव होगा तथा दक्षिण एशिया और आसपास के क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय केंद्र के रूप में उभरने की संभावनाएँ बढ़ेंगी। इससे कौशल आधारित रोजगार सृजन, एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र को प्रोत्साहन और देश में तकनीकी अवशोषण को भी गति मिलेगी।
अपने दौरे के दौरान महानिदेशक ने गोवा स्थित चौगुले एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड में स्वदेशी एयर कुशन व्हीकल परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की। यह भारत की पहली ऐसी परियोजना है जिसमें 50 प्रतिशत स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। इससे तटीय सुरक्षा सुदृढ़ होगी और पहला वितरण मई 2026 तक निर्धारित है।
यह जानकारी अमर संदेश को अमित उनियाल, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, भारतीय तटरक्षक बल द्वारा प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से प्रदान की गई।