Amar sandesh दिल्ली/झाकड़ी। एसजेवीएन की प्रमुख परियोजना नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन ने स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए 150 बिलियन यूनिट संचयी विद्युत उत्पादन का महत्वपूर्ण आंकड़ा पार कर लिया है। देश के सबसे बड़े भूमिगत जलविद्युत स्टेशन के रूप में स्थापित यह परियोजना राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड को सुदृढ़ बनाने और हरित ऊर्जा उपलब्ध कराने में लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इस अवसर पर पावर हाउस परिसर में आयोजित समारोह में एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेन्द्र गुप्ता तथा निदेशक (कार्मिक) अजय कुमार शर्मा की उपस्थिति में परियोजना की टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी गई। कार्यक्रम में आरएचपीएस के परियोजना प्रमुख विकास मारवाह, एलएचईपी-I के परियोजना प्रमुख विकास शर्मा तथा एसजेवीएन के उप मुख्य सतर्कता अधिकारी मनमीत गुप्ता भी मौजूद रहे।
अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा कि मई 2004 में कमीशनिंग के बाद से नाथपा झाकड़ी जलविद्युत स्टेशन ने निरंतर उत्कृष्ट संचालन क्षमता और विश्वसनीयता का प्रदर्शन किया है। यह परियोजना उत्तरी विद्युत ग्रिड की आधारशिला के रूप में उभरी है, जो विशेष रूप से बिजली की अधिक मांग के समय ग्रिड की स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियां भी दर्ज की हैं। वित्तीय वर्ष 2011-12 में 7,610.257 मिलियन यूनिट का अब तक का सर्वाधिक वार्षिक विद्युत उत्पादन हुआ। इसके बाद जुलाई 2024 में 1,222.170 मिलियन यूनिट का मासिक रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया गया, जबकि 13 अगस्त 2024 को 39.572 मिलियन यूनिट का सर्वाधिक दैनिक उत्पादन हासिल किया गया। यह उपलब्धियां परियोजना की उत्कृष्ट प्रचालन क्षमता और अनुकूल जल प्रवाह का बेहतर उपयोग करने की दक्षता को दर्शाती हैं।
निदेशक (कार्मिक) अजय कुमार शर्मा ने इस उपलब्धि का श्रेय परियोजना से जुड़े वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों को देते हुए कहा कि नाथपा झाकड़ी परियोजना ने न केवल ऊर्जा उत्पादन में बल्कि क्षेत्रीय विकास और आर्थिक प्रगति को गति देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
इस अवसर पर परियोजना प्रमुख राजीव कपूर ने एसजेवीएन प्रबंधन, विद्युत मंत्रालय और हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा मिले सहयोग और मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने परियोजना से जुड़े सभी कर्मचारियों, ठेकेदारों, संविदा कर्मियों तथा स्थानीय लोगों के योगदान को भी इस उपलब्धि का प्रमुख आधार बताया।
150 बिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का यह आंकड़ा पर्यावरणीय दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन पर निर्भरता कम होती है और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आती है। इस प्रकार नाथपा झाकड़ी परियोजना देश के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य और जलवायु प्रतिबद्धताओं को आगे बढ़ाने में अहम योगदान दे रही है।
एसजेवीएन द्वारा संचालित इस परियोजना में निरंतर आधुनिकीकरण, डिजिटल निगरानी और प्रभावी रखरखाव प्रणालियों के माध्यम से संचालन को और अधिक सक्षम बनाया गया है। बिजली उत्पादन के साथ-साथ इस परियोजना ने रोजगार सृजन, आधारभूत ढांचे के विकास और स्थानीय सामाजिक-आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
भारत के नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के इस दौर में नाथपा झाकड़ी जलविद्युत परियोजना की यह उपलब्धि इंजीनियरिंग उत्कृष्टता, कुशल प्रबंधन और देश की ऊर्जा सुरक्षा में जलविद्युत की रणनीतिक महत्ता को भी रेखांकित करती है।