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Amar sandesh दिल्ली। भारतवर्ष के नागरिक अपने कर्मठ स्वभाव और समर्पण के बल पर देश-विदेश में अपनी पहचान स्थापित करते रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश से दिल्ली आए प्रवासी संजय कालरा का नाम भी सम्मानपूर्वक लिया जा सकता है, जो अपने कार्य और व्यवहार से समाज में एक अलग पहचान बना चुके हैं।
पूर्वी दिल्ली के शकरपुर स्थित यू-38, मदर डेयरी रोड पर वर्ष 1997 से संचालित ‘सिटी मेडिकल स्टोर’ आज न केवल दवाइयों का केंद्र है, बल्कि लोगों के भरोसे और अपनत्व का भी एक मजबूत ठिकाना बन गया है। संजय कालरा ने अपनी मेहनत, ईमानदारी और सेवा भावना से इस मेडिकल स्टोर को एक विशेष पहचान दिलाई है।
यहां एलोपैथिक दवाइयों के साथ-साथ मेडिकल और कॉस्मेटिक उत्पाद भी उपलब्ध हैं। विशेष बात यह है कि स्टोर पर आयुर्वेदिक कंपनियों की दवाइयां भी आसानी से मिल जाती हैं, जिससे हर वर्ग के लोगों की जरूरतों का ध्यान रखा जाता है।
संजय कालरा का व्यक्तित्व जितना सरल है, उतना ही प्रभावशाली भी। उनका मिलनसार और हंसमुख स्वभाव ग्राहकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। जो भी व्यक्ति उनके पास आता है, वह केवल ग्राहक बनकर नहीं बल्कि अपनेपन का अनुभव लेकर लौटता है। दवाइयों के साथ-साथ उनकी संवेदनशील बातचीत और सहानुभूति भरा व्यवहार कई लोगों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होता।
आज उनके इस कार्य में उनके सुपुत्र निखिल कालरा भी कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग कर रहे हैं, जिससे यह पारिवारिक व्यवसाय नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर हो रहा है। नई पीढ़ी के जुड़ने से सेवा का दायरा और भी व्यापक होता जा रहा है।
संजय कालरा न केवल एक सफल व्यवसायी हैं, बल्कि समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए सदैव तत्पर रहने वाले एक सजग और संवेदनशील नागरिक भी हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि यदि कार्य के साथ व्यवहार में अपनापन हो, तो सफलता स्वयं रास्ता बना लेती है।
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