उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सीबीआई जांच की घोषणा किए जाने के बावजूद आज तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि राज्य सरकार ने सीबीआई को जांच के लिए औपचारिक रूप से कोई प्रत्यावेदन भेजा भी है या नहीं। यदि प्रत्यावेदन भेजा गया है, तो उसमें शामिल टर्म्स ऑफ रेफरेंस (जांच की शर्तें) क्या हैं, उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उत्तराखंड की जनता यह जानना चाहती है कि जांच किन बिंदुओं पर होनी है।
उन्होंने कहा कि जांच कल्पनाओं पर नहीं, बल्कि इस सच्चाई पर होनी चाहिए कि एक बेटी की जान किसी प्रभावशाली व्यक्ति को बचाने के लिए ली गई।