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अब बदलेगी देश की बिजली व्यवस्था!
Amar sandesh दिल्ली। दिल्ली के द्वारिका स्थित यशोभूमि में भारत विद्युत शिखर सम्मेलन 2026 के दूसरे दिन राष्ट्रीय विद्युत मंत्रिस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने की तथा सह-अध्यक्षता राज्य मंत्री श्रीपत नायक ने की।
बैठक में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ऊर्जा मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और संबंधित विभागों के सचिव उपस्थित रहे। बैठक में देश के विद्युत क्षेत्र की स्थिति, ऊर्जा सुरक्षा और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की गई।
केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि देश की स्थापित विद्युत क्षमता 520 गीगावॉट से अधिक हो चुकी है। उन्होंने बताया कि डिस्कॉम्स के प्रदर्शन में सुधार हुआ है और स्मार्ट मीटरिंग का विस्तार किया जा रहा है। विद्युत आपूर्ति में भी सुधार दर्ज किया गया है।
उन्होंने किफायती और कुशल विद्युत उत्पादन, पारेषण और वितरण के लिए केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत बढ़ाने की आवश्यकता बताई। परमाणु ऊर्जा को भी स्वच्छ ऊर्जा विकल्प के रूप में महत्वपूर्ण बताया गया।
राज्य मंत्री श्रीपत नायक ने विद्युत क्षेत्र में तकनीक और एआई के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश की स्थापित क्षमता का लगभग आधा हिस्सा गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से आ रहा है।
बैठक में ऊर्जा मांग को पूरा करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया।
बैठक के दौरान वित्त वर्ष 2024-25 के लिए डिस्कॉम्स की उपभोक्ता सेवा रेटिंग रिपोर्ट जारी की गई। इस रिपोर्ट में 66 डिस्कॉम्स का मूल्यांकन किया गया, जिनमें 6 को A+, 21 को A और 27 को B+ श्रेणी में रखा गया।
इसके अलावा वितरण उपयोगिता रैंकिंग रिपोर्ट भी जारी की गई, जिसमें बिजली वितरण कंपनियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन वित्तीय, परिचालन और सेवा मानकों के आधार पर किया गया। इस वर्ष 66 कंपनियों ने इस प्रक्रिया में भाग लिया।
बैठक में ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत बनाने और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए सुधारों को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई गई।
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