Amar sandesh नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र का खाद्य एवं कृषि संगठन द्वारा वर्ष 2026 को ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष’ के रूप में मान्यता दिए जाने के क्रम में, महिला किसानों को सशक्त बनाने और कृषि क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाने हेतु ‘कृषि सखी’ पहल की शुरुआत की गई है। इस पहल का उद्देश्य समावेशी विकास को बढ़ावा देना और कृषि क्षेत्र में महिलाओं के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
इस दिशा में एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया (एआईसी) ने अपने मुख्यालय और क्षेत्रीय कार्यालयों में महीने-वार संरचित गतिविधियों की श्रृंखला शुरू की है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से न केवल जागरूकता बढ़ाई जा रही है, बल्कि महिलाओं को कृषि एवं फसल बीमा योजनाओं से जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है।
जनवरी 2026 में पहल की शुरुआत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक परिचयात्मक वीडियो जारी कर की गई, जिससे व्यापक स्तर पर लोगों तक इसका संदेश पहुंचाया गया। इसके बाद फरवरी माह में एआईसी मुख्यालय में कर्मचारियों की सहभागिता से एक विशेष वॉकाथॉन आयोजित किया गया, जिसमें #AICforHer अभियान के तहत एकता, लचीलापन और महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया गया।
वर्तमान में मार्च माह के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों में महिला किसानों के लिए ग्राउंड-लेवल कार्यशालाएँ और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में फसल बीमा योजनाओं की जानकारी, उनके लाभ और जोखिम प्रबंधन के उपायों पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकें और कृषि में उनका योगदान और अधिक सशक्त हो।
इसके अतिरिक्त, वर्ष भर इस पहल के अंतर्गत महिला किसानों से जुड़े लेखों और साक्षात्कारों का प्रकाशन, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता एवं स्वास्थ्य जागरूकता अभियान तथा परिवारों को लक्षित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन प्रयासों के माध्यम से देशभर में महिला किसानों को सम्मान, पहचान और सशक्तिकरण का मंच प्रदान किया जाएगा।
‘कृषि सखी’ पहल न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह भारत के कृषि क्षेत्र को मजबूत करने में भी एक निर्णायक भूमिका निभाने की क्षमता रखती है।