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पर्वतीय शिल्पी समाज उत्थान समिति द्वारा ‘जन जागृति वर्ष 2026’ का शुभारंभ 1 मार्च को

Amar sandeshनई दिल्ली।पर्वतीय शिल्पी समाज की सामाजिक, सांस्कृतिक एवं जन-जागरूकता संबंधी गतिविधियों को नई दिशा देने के उद्देश्य से पर्वतीय शिल्पी समाज उत्थान समिति (पंजी.) द्वारा “पर्वतीय शिल्पी समाज जन जागृति वर्ष 2026” के अंतर्गत प्रथम चिंतन संगोष्ठी का आयोजन रविवार, 1 मार्च 2026 को दोपहर 2:00 बजे अलकनंदा हॉल, गढ़वाल भवन, पंचकुइयां रोड, नई दिल्ली में किया जाएगा।समिति के पदाधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन समाज में जागरूकता बढ़ाने, उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने तथा सामाजिक एकजुटता को सशक्त करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार पूरन चंद्र कांडपाल, पूर्व निदेशक (विदेश व्यापार) महेश चंद्रा, वरिष्ठ पत्रकार चारु तिवारी (चारु दा) तथा पूर्व सैनिक गोपाल राम टम्टा मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित रहेंगे। ये सभी समाज, संस्कृति, जनचेतना एवं वर्तमान सामाजिक चुनौतियों पर अपने विचार साझा करेंगे।

समिति के अध्यक्ष रमेश हितैषी ने अमर संदेश को बताया कि पर्वतीय शिल्पी समाज उत्थान समिति समय-समय पर दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड में इस प्रकार के आयोजन करती रहती है। उनका उद्देश्य जन-जागरूकता को बढ़ावा देना, उत्तराखंड की संस्कृति और लोक परंपराओं को जीवित रखना तथा समाज में व्याप्त जड़ता को समाप्त कर सकारात्मक चेतना का संचार करना है।

उन्होंने कहा कि समिति वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक सरकार की जनहितकारी योजनाओं की सही जानकारी पहुंचाने के लिए भी निरंतर कार्यरत है। साथ ही सरकार द्वारा जनहित में किए जा रहे कार्यों और समिति द्वारा संचालित सामाजिक प्रयासों की रिपोर्ट जन-जन तक और जनतंत्र के मंच तक पहुंचाने का भी प्रयास किया जाता है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन हेतु समिति के अध्यक्ष रमेश हितैषी, उपाध्यक्ष ओम प्रकाश आर्य, महासचिव जस्मी राम, सचिव जय चंद एवं कोषाध्यक्ष चंद्र प्रकाश आर्य सहित समस्त कार्यकारिणी और सदस्यगण सक्रिय रूप से तैयारियों में जुटे हुए हैं।   

समिति ने अधिक से अधिक समाजबंधुओं से कार्यक्रम में उपस्थित होकर “जन जागृति वर्ष 2026” अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया है।

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