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अमर चंद्र
देशभर में बढ़ती यात्रा मांग, धार्मिक आयोजनों की भीड़ और त्योहारों के दबाव के बीच भारतीय रेलवे ने वर्ष 2025 में यह साबित किया कि सुनियोजित व्यवस्था और मजबूत इरादों से रेल यात्रा को सुगम, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जा सकता है। महाकुंभ से लेकर होली, गर्मी की छुट्टियों और छठ पूजा तक, रेलवे ने विशेष ट्रेन सेवाओं के व्यापक संचालन के जरिए न केवल भीड़ प्रबंधन को बेहतर किया बल्कि यात्रियों के भरोसे को भी नई मजबूती दी।
वर्ष 2025 में भारतीय रेलवे ने प्रमुख धार्मिक और मौसमी आयोजनों के दौरान विशेष ट्रेन परिचालन में अभूतपूर्व विस्तार किया। यह पहल यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देने और देश के विभिन्न हिस्सों के बीच निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में सामने आई। खास तौर पर महाकुंभ 2025 के दौरान रेलवे ने अपने इतिहास के सबसे बड़े विशेष ट्रेन अभियानों में से एक को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। 13 जनवरी से 28 फरवरी 2025 के बीच तीर्थयात्रियों की भारी आवाजाही को देखते हुए 17,340 विशेष ट्रेन यात्राओं का संचालन किया गया, जिससे प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में यात्रा व्यवस्था संतुलित बनी रही।
त्योहारों के मौसम में भी रेलवे की तैयारियां उतनी ही सशक्त रहीं। होली 2025 के अवसर पर 1 मार्च से 22 मार्च के बीच 1,144 विशेष ट्रेन यात्राएं चलाई गईं, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुनी रहीं। इसका सीधा लाभ यात्रियों को बेहतर सीट उपलब्धता और अधिक सुव्यवस्थित यात्रा के रूप में मिला। इसी तरह गर्मी की छुट्टियों के दौरान, जब अप्रैल से जून के बीच ट्रेनों पर सबसे अधिक दबाव रहता है, तब 1 अप्रैल से 30 जून 2025 के बीच 12,417 समर स्पेशल ट्रेन यात्राओं का संचालन कर रेलवे ने यह सुनिश्चित किया कि छुट्टियों का मौसम भी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण न बने।
पूर्वी भारत में आस्था और सामाजिक समरसता के पर्व छठ पूजा को ध्यान में रखते हुए भी रेलवे ने 2025 में विशेष इंतज़ामों को और मजबूत किया। 1 अक्टूबर से 30 नवंबर 2025 के बीच 12,383 विशेष ट्रेन यात्राएं चलाई गईं, जो यह दर्शाता है कि रेलवे ने बीते वर्षों के अनुभवों से सीख लेकर अपनी योजना और संसाधनों का विस्तार किया है। यह पूरा ढांचा 2024 में तैयार किए गए मजबूत परिचालन आधार पर खड़ा किया गया था, जब आस्था स्पेशल सेवाओं, होली, समर सीजन और छठ पूजा के दौरान हजारों विशेष ट्रेनों का संचालन कर भीड़ प्रबंधन की नींव रखी गई थी।
कुल मिलाकर, वर्ष 2025 में विशेष ट्रेन परिचालन में हुई यह उल्लेखनीय वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि भारतीय रेलवे केवल ट्रेनों की संख्या नहीं बढ़ा रहा, बल्कि यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और समयबद्ध यात्रा को केंद्र में रखकर एक भरोसेमंद परिवहन प्रणाली के रूप में खुद को और सशक्त कर रहा है।
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