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“प्राकृतिक खेती और स्वास्थ्य के लिए भारतीय गाय मॉडल अहम: राष्ट्रीय गोष्ठी में विशेषज्ञों का मत”

Amar sandesh नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के कंस्टीटूशन क्लब में “सतत ग्रामीण विकास – भारतीय गाय मॉडल” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय गोष्ठी का सफलतापूर्वक आयोजन संपन्न हुआ। इस गोष्ठी में देश-विदेश से आए 50 से अधिक वैज्ञानिकों, लगभग 200 से अधिक गौशाला प्रबंधकों, कार्यकर्ताओं तथा शोधार्थियों ने भाग लेकर भारतीय गाय आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था और प्राकृतिक खेती के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया।

कार्यक्रम का उद्घाटन भारतीय जीव-जंतु कल्याण बोर्ड के सदस्य एवं भारत सरकार के पूर्व सचिव श्री राजीव गुप्ता ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भारतीय गाय ग्रामीण विकास की रीढ़ है और इसके विभिन्न उत्पादों के माध्यम से खेती को प्राकृतिक और टिकाऊ बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि गाय से प्राप्त गोबर, गोमूत्र और अन्य उत्पादों से खाद, कीट नियंत्रक, अमृत जल सहित कई प्रकार के कृषि उपयोगी उत्पाद बनाए जा सकते हैं, जिनके माध्यम से जहरमुक्त खाद्य उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सकता है।

प्रयागराज से आए आयुर्वेद के पूर्व प्राचार्य डॉ. जी. एस. तोमर ने पंचगव्य के आयुर्वेदिक महत्व और उसके स्वास्थ्य संबंधी लाभों पर प्रकाश डाला। वहीं मथुरा वेटरनरी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. श्रीकृष्ण गर्ग ने गाय के मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी।

गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे प्रसिद्ध गौ वैज्ञानिक डॉ. रामस्वरूप सिंह चौहान ने अपने 43 वर्षों के शोध अनुभव साझा करते हुए बताया कि देशी गाय के पंचगव्य पदार्थों से मानव की गंभीर बीमारियों के उपचार की संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि गौरस को पाउडर के रूप में विकसित कर उससे विभिन्न रोगों से बचाव किया जा सकता है। इस अवसर पर “गोविर्टस गौमिन” (मल्टीविटामिन) का भी लोकार्पण किया गया, जिसका निर्माण डॉ. तुलसी के मार्गदर्शन में गौमा फार्म द्वारा किया गया है। डॉ. चौहान ने बताया कि शीघ्र ही डॉ. तुलसी गौ आधारित बैक्टीरिया रोधी औषधि के निर्माण पर कार्य कर रही हैं, जिससे रासायनिक दवाओं पर निर्भरता कम होगी और प्राकृतिक औषधियों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम में भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के संयुक्त निदेशक डॉ. यशपाल सिंह मलिक, सीआईआरसी के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. राजीव रंजन, कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के डॉ. यरभार कुमार, पंतनगर विश्वविद्यालय के डॉ. अमन कम्बोज, बीएचयू के डॉ. विशाल जायसवाल, गुरुग्राम से डॉ. अंकिता जोशी, एडब्ल्यूबीआई से डॉ. भारत एवं कुं. ऐश्वर्या राठौर, दिल्ली विश्वविद्यालय की डॉ. सूची वर्मा, मुंबई से डॉ. श्रीराम सिंह, आईसीएमआर हैदराबाद के डॉ. मुकेश गुप्ता, खजुराहो से डॉ. सुमन दास, दिल्ली से डॉ. सुरेंद्र चौहान, अमेरिका से डॉ. भानु सिंह, पीलीभीत से राजीव सिंह चौहान, सिंगापुर से डॉ. शंकर लक्ष्मणम, छत्तीसगढ़ से भाजपा के पूर्व सांसद प्रदीप गांधी, उत्तराखंड भाजपा की प्रवक्ता श्रीमती गीता ठाकुर, राजस्थान के हरनारायण सोनी एवं रविंद्र जैन सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।

गोष्ठी के अंत में आयोजक सचिव अनिल शर्मा ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों ने भारतीय गाय आधारित ग्रामीण विकास मॉडल को भविष्य की टिकाऊ और प्राकृतिक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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