हर नागरिक तक वित्तीय सुरक्षा पहुँचाने की तैयारी तेज, वित्तीय समावेश 2.0 पर उच्चस्तरीय मंथन: – एम. नागराजू
Amar sandesh नई दिल्ली। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएं विभाग (डीएफएस) के सचिव एम. नागराजू ने यहां वित्तीय समावेश 2.0 के लिए रूपरेखा तैयार करने पर विचार-विमर्श हेतु एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई), आर्थिक कार्य विभाग (डीईए), इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, माध्यमिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग सहित भारतीय बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई), पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए), भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी), इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए), इंडियन साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) तथा नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में वित्तीय समावेश को व्यापक और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक समग्र योजना दस्तावेज तैयार करने पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके अंतर्गत सभी नागरिकों तक बैंकिंग सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना, ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग अवसंरचना का विस्तार, विशेषकर महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों को औपचारिक ऋण उपलब्ध कराना, वर्ष 2047 तक सार्वभौमिक बीमा एवं पेंशन कवरेज का लक्ष्य प्राप्त करना, नए डिजिटल एवं वित्तीय उत्पादों का विकास, ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देना, डिजिटल एवं वित्तीय धोखाधड़ी के प्रति जागरूकता सुदृढ़ करना तथा माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों सहित नागरिकों में वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता का प्रसार प्रमुख विषय रहे।
बैठक में सभी संबंधित पक्षों की सक्रिय भागीदारी के साथ विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया। श्री नागराजू ने विशेष रूप से पूर्वोत्तर क्षेत्र के प्रत्येक उप-संभाग में कम से कम एक बैंक शाखा सुनिश्चित करने, सभी नागरिकों के लिए बीमा और पेंशन कवरेज को विस्तार देने तथा औपचारिक ऋण प्रणाली से बाहर रह गए लोगों को मुख्यधारा के क्रेडिट ढांचे से जोड़ने हेतु प्रभावी रणनीति तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया।
बैठक में हुई चर्चाओं और आगामी परामर्शों के आधार पर देश में वित्तीय समावेश को नई गति देने के उद्देश्य से अंतिम रिपोर्ट निर्धारित समय पर जारी की जाएगी।