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लघु उद्योगों को ‘लोकल टू ग्लोबल’ बनाने की एमएसएमई मंत्रालय की पहल*
_22 फरवरी से 05 मार्च तक कनॉट प्लेस में सजेगा राष्ट्रीय हस्तशिल्प महोत्सव।_
60 एमएसएमई और 100 से अधिक स्टॉलों में दिखेगी भारत की शिल्प विविधता।_
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और क्षेत्रीय व्यंजनों से सजेगी हर शाम।_
‘लोकल टू ग्लोबल’ के संकल्प के साथ कारीगरों को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
Amar sandesh नई दिल्ली।* भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के सहयोग से आर्ट एंड क्राफ्ट विकास संस्थान, गाज़ियाबाद (उ.प्र.) द्वारा राजधानी के कनॉट प्लेस स्थित स्टेट एम्पोरिया कॉम्प्लेक्स (बाबा खड़क सिंह मार्ग) के सामने 22 फरवरी से 05 मार्च 2026 तक ‘द ग्रैंड एक्सपो 2026’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहने वाला यह राष्ट्रीय प्रदर्शनी-महोत्सव भारतीय हस्तशिल्प, हथकरघा और एमएसएमई क्षेत्र की विविधता, सृजनात्मकता तथा आत्मनिर्भरता का सशक्त मंच बनकर उभर रहा है। यह एक्सपो विकसित भारत मिशन के तहत आयोजित किया जा रहा है।
आर्ट एंड क्राफ्ट विकास संस्थान, गाज़ियाबाद (उ.प्र.) द्वारा आयोजित इस एक्सपो को भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) का समर्थन प्राप्त है। एमएसएमई मंत्रालय का उद्देश्य है कि हस्तशिल्पियों की सृजनात्मकता को वैश्विक बाजार का मंच मिले। आर्ट एंड क्राफ्ट विकास संस्थान के सचिव राजकुमार कश्यप ने बताया कि इस एक्सपो में पीएमएस योजना के अंतर्गत देशभर से 60 से अधिक एमएसएमई इकाइयों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है, जबकि 100 से अधिक स्टॉलों पर पारंपरिक और समकालीन भारतीय शिल्प की झलक देखने को मिलेगी। श्री कश्यप ने बताया कि यह आयोजन ‘लोकल टू ग्लोबल’ की संकल्पना को साकार करते हुए कारीगरों, बुनकरों और उद्यमियों को व्यापक बाज़ार से जोड़ने का सशक्त मंच प्रदान करेगा।
प्रदर्शनी में जम्मू-कश्मीर, झारखंड, आगरा, बनारस, भागलपुर, गुजरात, कोलकाता, तमिलनाडु, ओडिशा, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और महाराष्ट्र सहित अनेक राज्यों के शिल्पकार एवं बुनकर भाग लेंगे। यहां रेशमी साड़ियां, ऊनी शॉल, कश्मीरी सूट, हैंडलूम टेक्सटाइल, ब्लू पॉटरी, मधुबनी पेंटिंग, कढ़ाईदार परिधान, लकड़ी और धातु के हस्तशिल्प, टेराकोटा, पॉटरी, हस्तनिर्मित आभूषण, सजावटी कलाकृतियां और गृह सज्जा उत्पाद जैसे विविध आयाम एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगे। यह विविधता भारत की सांस्कृतिक बहुलता और शिल्प परंपरा की गहराई का जीवंत प्रमाण प्रस्तुत करेगी।
एक्सपो की विशेषता केवल उत्पाद प्रदर्शन तक सीमित नहीं है। प्रतिदिन शाम 4 बजे से 8 बजे तक सांस्कृतिक मंच पर लोक-नृत्य, संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों का आयोजन होगा, जो आगंतुकों को कला और संस्कृति के रंगों से सराबोर करेगा। साथ ही देश के विभिन्न प्रांतों के पारंपरिक व्यंजनों की श्रृंखला इस आयोजन को स्वाद का भी उत्सव बनाएगी।
आर्ट एंड क्राफ्ट विकास संस्थान की अध्यक्ष प्रमिला तिवारी ने कहा कि हमारा संस्थान पिछले 25 वर्षों से विपणन और सामाजिक विकास के क्षेत्र में सक्रिय रहा है। संस्था ने मुंबई, हैदराबाद, नई दिल्ली, कोलकाता, कोचिन, नासिक, बिलासपुर, नोएडा और गाज़ियाबाद जैसे महानगरों में सफल विपणन आयोजनों का संचालन किया है। उनका कहना है कि इस एक्सपो का उद्देश्य न केवल उत्पादों का प्रदर्शन है, बल्कि कारीगर समुदायों के आर्थिक सशक्तीकरण, रोजगार सृजन और पारंपरिक कौशल के संरक्षण को गति देना भी है। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए को-आर्डिनेटर रंजना चित्कारा और प्रबंधक विकास गौड़ की महती भूमिका रही है।
‘द ग्रैंड एक्सपो 2026’ राजधानीवासियों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भारतीय शिल्प, संस्कृति और उद्यमिता का समग्र अनुभव होगा। यह आयोजन आत्मनिर्भर भारत की भावना को मूर्त रूप देते हुए परंपरा और प्रगति के बीच सेतु का कार्य करेगा।
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