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Amar sandesh दिल्ली/जयपुर। एमेच्योर सॉफ्ट हॉकी फेडरेशन ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित 5वीं सॉफ्ट हॉकी नेशनल चैंपियनशिप का चार दिवसीय आयोजन आज एसएमएस हॉकी स्टेडियम, जयपुर में अत्यंत उत्साह, खेल भावना और गरिमामय वातावरण के बीच भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। समापन समारोह की शुरुआत राजस्थान बनाम महाराष्ट्र सीनियर बॉयज के रोमांचक मुकाबले से हुई, जिसके पश्चात विजेता एवं उपविजेता टीमों सहित खिलाड़ियों को पारितोषिक एवं सम्मान प्रदान किए गए।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अरुण चतुर्वेदी, अध्यक्ष, वित्त आयोग राजस्थान उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती सुनैना प्रकाश, लीगल चेयरमेन, भारतीय ओलंपिक संघ एवं नेशनल चेयरमैन, एमेच्योर सॉफ्ट हॉकी लीग ऑफ इंडिया ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।
इस अवसर पर सुरेश दीवान, निदेशकख्याति ट्रेडकॉम प्राइवेट लिमिटेड (सीतापुरा, जयपुर स्थित एल्युमिनियम डाई कास्टिंग इकाई), निदेशक शुभ लक्ष्मी कोल्ड स्टोरेज (सीतापुरा, जयपुर) तथा उत्तर पूर्व भारत में असम राइफल्स हेतु निर्माण एवं आपूर्ति कार्य से संबद्ध प्रतिष्ठित बिल्डर एवं आपूर्तिकर्ता भी गरिमामयी रूप से उपस्थित रहे।
फेडरेशन की ओर से मंच पर डॉ. आशुतोष पंत (राष्ट्रीय अध्यक्ष), डॉ. आदित्य नाग (नेशनल वाइस चेयरमैन, एमेच्योर सॉफ्ट हॉकी लीग ऑफ इंडिया एवं राष्ट्रीय प्रभारी), जी.एस. राठौर (वरिष्ठ उपाध्यक्ष, सॉफ्ट हॉकी फेडरेशन), श्रीमती शिखा पंत (राष्ट्रीय महासचिव) तथा रमेश सिंह उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में डॉ. आशुतोष पंत ने फेडरेशन की विगत पाँच वर्षों की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि एक राष्ट्रीय लीग और दो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट के सफल आयोजन के साथ-साथ भारत के लगभग 20 राज्यों में सॉफ्ट हॉकी का संगठनात्मक विस्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि देशभर में टैलेंट सर्च प्रोग्राम निरंतर संचालित किए जा रहे हैं तथा “हर घर हॉकी” अभियान के अंतर्गत पिछड़े और वंचित वर्ग के प्रतिभावान बच्चों को निःशुल्क हॉकी स्टिक वितरित की जा रही हैं। लक्ष्य के अनुरूप पूरे देश में लगभग एक लाख हॉकी वितरित की जाएंगी, जिनमें से अब तक एक हजार से अधिक हॉकी बच्चों तक पहुँचाई जा चुकी हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप में देश के 12 से अधिक राज्यों की टीमों ने सहभागिता की, जो सॉफ्ट हॉकी के बढ़ते राष्ट्रीय प्रभाव को दर्शाता है। उल्लेखनीय है कि बेल्जियम के हॉकी खिलाड़ियों ने भी इस टूर्नामेंट का अवलोकन किया और भविष्य में बेल्जियम में सॉफ्ट हॉकी प्रारंभ करने की इच्छा व्यक्त की।
मुख्य अतिथि डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने राजस्थान की वीर भूमि पर देशभर से आए खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं। उन्होंने पारितोषिक वितरण करते हुए आयोजकों को सफल आयोजन हेतु शुभकामनाएँ दीं।
विशिष्ट अतिथि श्रीमती सुनैना प्रकाश ने आगामी सॉफ्ट हॉकी लीग चैंपियनशिप के आयोजन को लेकर उत्तर प्रदेश में संभावित आयोजन की संभावना व्यक्त की तथा भविष्य में दुबई में वर्ल्ड कप आयोजित कराने का प्रस्ताव भी रखा, जिसे उन्होंने खेल जगत के लिए एक दूरदर्शी पहल बताया।
समापन अवसर पर डॉ. आदित्य नाग ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सॉफ्ट हॉकी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और स्वदेशी स्वरूप पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पेड़ों की टहनियों से बनी स्टिक और कपड़ों से बनी गेंद से खेले जाने वाले पारंपरिक खेलों की आधुनिक अभिव्यक्ति ही सॉफ्ट हॉकी है। भारत में खेलों की परंपरा अत्यंत प्राचीन रही है, जहाँ सीमित संसाधनों के बावजूद बच्चों की रचनात्मकता से खेल विकसित हुए। सॉफ्ट हॉकी उसी देसी खेल शैली का सुरक्षित, वैज्ञानिक और सुव्यवस्थित आधुनिक रूप है।
उन्होंने आगे कहा कि सॉफ्ट हॉकी केवल एक खेल नहीं, बल्कि नए भारत की खेल-संस्कृति का पुनर्जागरण है, जो टीमवर्क, अनुशासन, फिटनेस, हाथ आँख समन्वय और सामूहिक भावना जैसे भारतीय मूल्यों को सशक्त करता है। ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में प्रचलित पारंपरिक डंडा गेंद खेलों से प्रेरित यह खेल आधुनिक फील्ड हॉकी की तकनीक और रणनीति के साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करता है।
समारोह के दौरान विभिन्न राज्यों से पधारे कोच, रेफरी एवं अन्य ऑफिशियल्स को भी सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय महासचिव श्री रमेश सिंह ने जानकारी दी कि टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों के भोजन, आवास एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की उत्तम व्यवस्था की गई, जिससे सभी प्रतिभागियों ने सुरक्षित और अनुशासित वातावरण में खेल का आनंद लिया।
इस प्रकार 5वीं सॉफ्ट हॉकी नेशनल चैंपियनशिप का समापन खेल, संस्कृति, स्वदेशी परंपरा और आधुनिक दृष्टिकोण के सुंदर संगम के साथ सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ।
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