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जनजातीय युवाओं के सशक्तिकरण पर जोर, शिक्षा-कौशल और रोजगार बढ़ाने का आह्वान

Amar sandesh नई दिल्ली। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य ने जनजातीय समुदायों के भविष्य निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए उनकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार सृजन के लिए ठोस प्रयास करने का आह्वान किया। वह राजधानी दिल्ली में आयोजित “चकमा युवा संवाद: जनजातीय युवाओं का सशक्तिकरण एवं बिजू महोत्सव” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

पॉलिसी संवाद द्वारा दिल्ली चकमा छात्र संघ (डीसीएसयू) के सहयोग से आयोजित इस एक दिवसीय कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, सामुदायिक नेताओं और युवा प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय सशक्तिकरण, शिक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा करना रहा।

अपने मुख्य संबोधन में श्री आर्य ने एनसीएसटी के जनादेश तथा देशभर में अनुसूचित जनजातियों के अधिकारों की रक्षा और कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित एनसीएसटी की सदस्य श्रीमती निरुपमा चकमा ने चकमा समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डालते हुए आधुनिक विकास के साथ पारंपरिक पहचान को संरक्षित रखने की आवश्यकता बताई।

इस अवसर पर भारत में श्रीलंका की उच्चायुक्त महामहिम सुश्री महिशिनी कोलोन ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय आयाम प्रदान किया और चकमा समुदाय के सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित किया।

कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक बिजू महोत्सव से जुड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहीं, जिन्होंने चकमा समुदाय की एकता, नवाचार और सांस्कृतिक गौरव को प्रदर्शित किया।

इसके साथ ही शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों पर केंद्रित तकनीकी सत्र एवं पैनल चर्चाएं आयोजित की गईं। पैनल चर्चा में पॉलिसी संवाद के संपादक श्री गौरव कुमार, सीएडीसी की कला एवं संस्कृति अधिकारी सुश्री रेणु चकमा तथा डीसीएसयू के सलाहकार श्री वेनिश चकमा ने भाग लिया। वक्ताओं ने नीतिगत कमियों को दूर करने, कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम का समापन आदिवासी समुदायों के समग्र विकास हेतु निरंतर संवाद, नीतिगत भागीदारी और समुदाय आधारित पहलों को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।

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