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आत्मनिर्भर भारत की ओर बड़ा कदम: कोयला गैसीकरण से बदलेगा देश का ऊर्जा भविष्य—जी. किशन रेड्डी

₹25,000 करोड़ के ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर, कोयला क्षेत्र में नई क्रांति की शुरुआत

Amar sandesh नई दिल्ली। देश के ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए भारत सरकार ने कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को नई रफ्तार दी है। कोयला मंत्रालय में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल लिमिटेड (BCGCL) और एमसीएल (MCL) के बीच भूमि पट्टा (Land Lease Agreement) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस अवसर पर केंद्रीय कोयला एवं खनन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने अपने मुख्य संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री के “आत्मनिर्भर भारत” के विजन को साकार करने के लिए सरकार हर स्तर पर ठोस कदम उठा रही है।

 कोयला गैसीकरण बनेगा गेम-चेंजर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत के पास कोयले का अपार भंडार है और अब समय आ गया है कि इसका आधुनिक और प्रभावी उपयोग किया जाए।

उन्होंने जोर देकर कहा कि कोयला गैसीकरण से विदेशी आयात पर निर्भरता घटेगी विदेशी मुद्रा की बड़ी बचत होगी देश को ऊर्जा क्षेत्र में नई मजबूती मिलेगी।

सरकार ने कोयला गैसीकरण को बढ़ावा देने के लिए:

₹8500 करोड़ का वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज मंजूर किया है अब तक 7 परियोजनाएं फाइनल हो चुकी हैं इनमें से 3 परियोजनाओं का भूमिपूजन भी हो चुका है।

करीब ₹25,000 करोड़ के निवेश वाली यह परियोजना पूरी तरह से:

BHEL की स्वदेशी तकनीक पर आधारित होगी भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

इस महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाने के लिए:

पर्यावरण मंत्रालय (MoEF&CC)भारी उद्योग मंत्रालयवाणिज्य मंत्रालय,सभी मिलकर Whole-of-Government Approach के तहत काम कर रहे हैं।

श्री रेड्डी ने उद्योग जगत, निवेशकों और सभी हितधारकों से आह्वान किया कि वे आगे आएं और इस परियोजना को निर्धारित समय से पहले पूरा करने में सहयोग करें।

यह समझौता सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि भारत के ऊर्जा भविष्य को सुरक्षित और मजबूत बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। कोयला गैसीकरण के जरिए भारत न सिर्फ आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।

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