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1984 के घावों पर मरहम: सिख दंगों के पीड़ितों के वकील रहे एच.एस. फुल्का भाजपा में शामिल

अमर चंद्र

नई दिल्ली ।1984 के सिख विरोधी दंगों में पीड़ितों को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता और मानवाधिकार कार्यकर्ता सरदार एच.एस. फुल्का ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया।दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में आयोजित इस अहम कार्यक्रम में केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरीके साथ भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ, पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़, पंजाब भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा,भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी (उत्तराखंड से पौड़ी लोकसभा सांसद) मौजूद रहे। इस दौरान फुल्का का गर्मजोशी से स्वागत किया गया और उनके योगदान को सराहा गया।

1984 के सिख दंगे देश के इतिहास का एक काला अध्याय हैं। उस दौर में जब हजारों लोग पीड़ित हुए, तब सरदार एच.एस. फुल्का ने अदालतों में पीड़ितों की आवाज बनकर लंबी लड़ाई लड़ी।
उन्होंने 50 से अधिक मामलों में न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभाई और दशकों तक सिख समुदाय के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे।

भाजपा में शामिल होने के पीछे क्या है वजह?

भाजपा में शामिल होने के बाद फुल्का ने कहा‌ “मैंने हमेशा न्याय और समाज सेवा को प्राथमिकता दी है। अब इस मंच से देश और समाज के लिए और व्यापक स्तर पर काम करूंगा।”
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि फुल्का जैसे समर्पित व्यक्ति का पार्टी में आना न्याय और सेवा की राजनीति को और मजबूत करेगा। वहीं अनिल बलूनी ने इसे भाजपा के लिए महत्वपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि इससे पार्टी को नई ऊर्जा मिलेगी।

सरदार एच.एस. फुल्का पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं और उन्होंने पहले आम आदमी पार्टी के साथ भी काम किया है। अब भाजपा में शामिल होकर उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की नई शुरुआत की है।
1984 दंगों के पीड़ितों के लिए न्याय की लड़ाई लड़ने वाला चेहरा अब सत्ता के साथ जुड़ गया है। इसे भाजपा की सिख समुदाय में पकड़ मजबूत करने की रणनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।

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