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ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के सशक्त नेतृत्वकर्ता: अरुण कुमार सिंह
अमर चंद्र
नई दिल्ली।भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत आने वाली महारत्न कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ओएनजीसी) देश की ऊर्जा सुरक्षा की आधारशिला मानी जाती है। तेल और प्राकृतिक गैस के अन्वेषण, उत्पादन तथा ऊर्जा संसाधनों के समग्र विकास में ओएनजीसी की निर्णायक भूमिका रही है, जो भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ा रही है।
ओएनजीसी के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में संगठन ने उत्पादन स्थिरता, तकनीकी आधुनिकीकरण, वैश्विक ऊर्जा सहयोग और प्रशासनिक दक्षता के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। केंद्र सरकार द्वारा उनके प्रभावी नेतृत्व को देखते हुए कार्यकाल का विस्तार किया जाना संगठनात्मक निरंतरता और विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है।
ऊर्जा क्षेत्र में लगभग चार दशकों के व्यापक अनुभव के साथ अरुण कुमार सिंह ने देश-विदेश की विविध परियोजनाओं का सफल नेतृत्व किया है। यांत्रिक अभियांत्रिकी पृष्ठभूमि से आने वाले सिंह इससे पूर्व भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। प्रशासनिक दृढ़ता, पारदर्शिता और परिणामोन्मुख कार्यसंस्कृति उनके नेतृत्व की प्रमुख विशेषताएँ मानी जाती हैं।
उच्च सूत्रों और सहयोगियों के अनुसार, वे राष्ट्रभाव से ओतप्रोत, मृदुभाषी तथा कार्य के प्रति पूर्णतः समर्पित नेतृत्वकर्ता हैं। आवश्यकता पड़ने पर कठोर निर्णय लेने की क्षमता रखते हुए भी वे टीम भावना, संवाद और संस्थागत संतुलन को प्राथमिकता देते हैं। उनके साथ कार्य करने वाले अधिकारियों के अनुभवों तथा व्यक्तिगत संवादों के आधार पर उन्हें एक ऐसे प्रशासक के रूप में देखा जाता है जो संगठनात्मक प्रगति को राष्ट्रहित से जोड़कर आगे बढ़ाते हैं।
उनके कार्यकाल में आयोजित भारत ऊर्जा सप्ताह 2024 तथा दिल्ली में 2025 और 2026 के प्रमुख ऊर्जा आयोजन भारत को वैश्विक ऊर्जा संवाद के केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण सिद्ध हुए। इन मंचों पर देश-विदेश की अग्रणी पेट्रोलियम कंपनियों, मुख्य कार्यकारी अधिकारियों, नीति-निर्माताओं और ऊर्जा मंत्रियों की सहभागिता ने भारत की ऊर्जा क्षमता, निवेश संभावनाओं और सतत विकास दृष्टि को व्यापक पहचान दिलाई।
विकसित भारत 2047 की परिकल्पना में ऊर्जा क्षेत्र की केंद्रीय भूमिका को सुदृढ़ करने की दिशा में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है। ओएनजीसी की प्रगति, ऊर्जा अवसंरचना के विस्तार और दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टि के माध्यम से वे देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के प्रयासों में निरंतर सक्रिय हैं। राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण को जीवन का मूल उद्देश्य मानते हुए उनका नेतृत्व भारत की ऊर्जा यात्रा में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में उभर रहा है।
समग्र रूप से अरुण कुमार सिंह का व्यक्तित्व प्रशासनिक कठोरता, मानवीय संवेदनशीलता, दूरदर्शी नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की प्रतिबद्धता का संतुलित संगम प्रस्तुत करता हैजो ओएनजीसी को केवल एक सार्वजनिक उपक्रम नहीं, बल्कि ऊर्जा-समर्थ विकसित भारत के निर्माण का प्रमुख स्तंभ बनाता है।
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