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अमर चंद्र
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में देश के बुनियादी ढांचे, कृषि और ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से ₹1,74लाख करोड़ की पांच बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नेशनल मीडिया सेंटर में पत्रकारों को इन निर्णयों की जानकारी दी।
सरकार ने जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना को ₹13,038 करोड़ की लागत से स्वीकृति प्रदान की है। यह 41 किलोमीटर लंबा नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर होगा, जिसमें 36 स्टेशन बनाए जाएंगे। यह परियोजना प्रहलादपुरा से टोडी मोड तक प्रमुख क्षेत्रों एयरपोर्ट, सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, टोंक रोड और एसएमएस अस्पताल को जोड़ेगी। परियोजना के पूर्ण होने से शहर में यातायात दबाव कम होने के साथ प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है। इसे वर्ष 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
कैबिनेट ने खरीफ सीजन 2026 के लिए ₹41,534 करोड़ की न्यूट्रिएंट बेस्ड खाद सब्सिडी को भी मंजूरी दी है। इस सब्सिडी के अंतर्गत डीएपी और एनपीके जैसे फॉस्फेटिक एवं पोटाश उर्वरक शामिल होंगे। सरकार का उद्देश्य किसानों को सस्ती दर पर खाद उपलब्ध कराकर खेती की लागत कम करना और उत्पादन बढ़ाना है।
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी परियोजना की लागत संशोधित कर ₹79,459 करोड़ कर दी गई है। राजस्थान के पचपदरा (बालोतरा) में विकसित हो रही इस रिफाइनरी से पेट्रोल, डीजल और विभिन्न पेट्रोकेमिकल उत्पादों का उत्पादन किया जाएगा। परियोजना से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 25 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसके वर्ष 2026 में चालू होने की उम्मीद है।
इसके अतिरिक्त, अरुणाचल प्रदेश में दो बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना (1720 मेगावाट) पर ₹26,070 करोड़ का निवेश किया जाएगा। इससे बिजली उत्पादन के साथ बाढ़ नियंत्रण और राष्ट्रीय ग्रिड संतुलन में मदद मिलेगी। राज्य को 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली भी प्राप्त होगी।
वहीं, अंजॉ जिले में प्रस्तावित कलाई-II हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना (1200 मेगावाट) पर ₹14,106 करोड़ खर्च किए जाएंगे। यह लोहित नदी पर बनने वाली पहली बड़ी परियोजना होगी, जिससे क्षेत्र में ऊर्जा उत्पादन और बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलेगी। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और मुआवजा सुनिश्चित किया जाएगा।
कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री के साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित अन्य वरिष्ठ मंत्री उपस्थित रहे।
कैबिनेट के ये फैसले देश में शहरी परिवहन, कृषि क्षेत्र को राहत, ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि और पूर्वोत्तर राज्यों के विकास को नई गति देने वाले माने जा रहे हैं।
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