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मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 70 मेगावाट धुबरी सौर ऊर्जा परियोजना का किया लोकार्पण
Amar sandesh दिल्ली/धुबरी/गुवाहाटी |असम में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आज एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (SGEL) द्वारा विकसित 70 मेगावाट धुबरी सौर ऊर्जा परियोजना का उद्घाटन किया। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री प्रसांत फुकन, एसजेवीएन के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भूपेंद्र गुप्ता, अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) एवं अध्यक्ष, एपीडीसीएल डॉ. कृष्ण कुमार द्विवेदी (IAS), प्रबंध निदेशक, एपीडीसीएल राकेश कुमार (IAS) तथा एसजेवीएन के निदेशक (कार्मिक) अजय कुमार शर्मा सहित असम सरकार और एसजेवीएन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर भूपेंद्र गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी, भारत सरकार तथा असम सरकार को परियोजना के सफल क्रियान्वयन और राज्य में चल रही एवं आगामी परियोजनाओं के लिए सहयोग और मार्गदर्शन देने हेतु धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के विस्तार के साथ-साथ राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास के लक्ष्यों को सशक्त करती है।
अजय कुमार शर्मा ने कहा कि धुबरी सौर ऊर्जा परियोजना से विकास और संचालन दोनों चरणों में स्थानीय समुदायों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही यह परियोजना असम को स्वच्छ और हरित बिजली की आपूर्ति कर राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा पोर्टफोलियो को मजबूत करेगी।
70 मेगावाट क्षमता की यह सौर ऊर्जा परियोजना असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (APDCL) द्वारा 28 वर्षों की लीज पर उपलब्ध कराई गई 330 एकड़ भूमि पर, ग्राम खुदीगांव पार्ट–II, बिलासिपारा राजस्व सर्किल, जिला धुबरी, असम में विकसित की गई है। यह परियोजना 16 फरवरी 2023 को टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से ₹3.92 प्रति यूनिट की दर पर एसजीईएल को आवंटित की गई थी। परियोजना की ईपीसी लागत ₹367.44 करोड़ है।
परियोजना के प्रथम वर्ष में 23 प्रतिशत क्षमता उपयोग कारक (CUF) के साथ 141.13 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन का अनुमान है। 25 वर्षों में कुल अनुमानित उत्पादन लगभग 3,230 मिलियन यूनिट होगा। इससे लगभग 1,58,270 टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आने की संभावना है।
यह परियोजना असम की पहली बड़े पैमाने की सौर ऊर्जा परियोजना है तथा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में एसजेवीएन की पहली परिचालन परियोजना भी है। परियोजना का शिलान्यास 4 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्चुअल माध्यम से किया गया था।
यह सौर परियोजना असम को स्वच्छ, हरित और आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में एक नई गति प्रदान करेगी।
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